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MP: सीएम हेल्पलाइन को जानें कैसे बनाया था उगाही का हथियार? अब कथित फर्जी गिरोह बेनकाब; दो आरोपी हुए गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 08:08 AM IST
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सार
छिंदवाड़ा के सिंगोड़ी क्षेत्र में पुलिस ने सीएम हेल्पलाइन में झूठी शिकायतें दर्ज कर सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को ब्लैकमेल करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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विस्तार
छिंदवाड़ा के सिंगोड़ी क्षेत्र में पुलिस ने ऐसे कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सीएम हेल्पलाइन में झूठी शिकायतें दर्ज कराकर सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को ब्लैकमेल करते थे। शिकायत वापस लेने या बंद कराने के नाम पर यह गिरोह मोटी रकम की मांग करता था। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
मामले का खुलासा रजोला ग्राम पंचायत की सरपंच संध्या साहू और उनके पति अंकित साहू की शिकायत के बाद हुआ। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का झूठा आरोप लगाकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत पूरी तरह निराधार साबित हुई, लेकिन इसके बाद आरोपियों ने कथित समाचार प्रकाशित और प्रसारित कर बदनामी की धमकी देते हुए रुपये मांगना शुरू कर दिया।
15 हजार रुपये लेने के बाद और बढ़ती गई मांग
15 हजार रुपये लेने के बाद भी नहीं रुके, मांगे 70 हजार और पुलिस के अनुसार, आरोपियों की लगातार धमकियों और दबाव के कारण अंकित साहू ने उन्हें 15 हजार रुपये दे दिए थे। इसके बावजूद आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई और उन्होंने 70 हजार रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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परेशान होकर अंकित साहू ने पूरे मामले की शिकायत सिंगोड़ी पुलिस चौकी में दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने हिमांशु गोहिया, नीलेश प्रजापति और मनोज चंद्रवंशी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 208(5), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
चौकी प्रभारी पंकज राय ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नीलेश प्रजापति और मनोज चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं मामले का प्रमुख आरोपी हिमांशु गोहिया अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतें कर बनाते थे दबाव
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले सीएम हेल्पलाइन 181 पर डॉक्टरों, शिक्षकों, नर्सों, प्राचार्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराते थे। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे संपर्क किया जाता था। फिर शिकायत बंद कराने और मामला आगे न बढ़ाने के नाम पर रकम की मांग की जाती थी।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों द्वारा अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों से भी वसूली की जाती थी। शिकायतों के आधार पर अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
एफआईआर की खबर मिलते ही थाने पहुंचने लगे पीड़ित
पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद कई लोग अपनी शिकायतें लेकर थाने पहुंच रहे हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य लोग शामिल हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि उनसे भी इसी प्रकार झूठी शिकायतों और बदनामी की धमकी देकर रुपए वसूले गए थे। पुलिस अब ऐसे सभी मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है।
ये भी पढ़ें- Shivpuri: पानी भरने से रोका तो भड़का युवक, टैंकर कर्मी की नाक पर दे मारी लोहे की बाल्टी; फटने से निकला खून
पुलिस ने लोगों से की अपील
गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में चौकी प्रभारी पंकज राय समेत एसआई विजेंद्र मार्को, प्रधान आरक्षक इंद्रजीत ठाकुर समेत अन्य पुलिकर्मी ने ठोस कार्रवाई की। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत, समाचार प्रकाशन या किसी अन्य माध्यम से डराकर पैसे की मांग की जाती है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले का खुलासा रजोला ग्राम पंचायत की सरपंच संध्या साहू और उनके पति अंकित साहू की शिकायत के बाद हुआ। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का झूठा आरोप लगाकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत पूरी तरह निराधार साबित हुई, लेकिन इसके बाद आरोपियों ने कथित समाचार प्रकाशित और प्रसारित कर बदनामी की धमकी देते हुए रुपये मांगना शुरू कर दिया।
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15 हजार रुपये लेने के बाद और बढ़ती गई मांग
15 हजार रुपये लेने के बाद भी नहीं रुके, मांगे 70 हजार और पुलिस के अनुसार, आरोपियों की लगातार धमकियों और दबाव के कारण अंकित साहू ने उन्हें 15 हजार रुपये दे दिए थे। इसके बावजूद आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई और उन्होंने 70 हजार रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
परेशान होकर अंकित साहू ने पूरे मामले की शिकायत सिंगोड़ी पुलिस चौकी में दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने हिमांशु गोहिया, नीलेश प्रजापति और मनोज चंद्रवंशी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 208(5), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
चौकी प्रभारी पंकज राय ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नीलेश प्रजापति और मनोज चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं मामले का प्रमुख आरोपी हिमांशु गोहिया अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतें कर बनाते थे दबाव
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले सीएम हेल्पलाइन 181 पर डॉक्टरों, शिक्षकों, नर्सों, प्राचार्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराते थे। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे संपर्क किया जाता था। फिर शिकायत बंद कराने और मामला आगे न बढ़ाने के नाम पर रकम की मांग की जाती थी।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों द्वारा अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों से भी वसूली की जाती थी। शिकायतों के आधार पर अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
एफआईआर की खबर मिलते ही थाने पहुंचने लगे पीड़ित
पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद कई लोग अपनी शिकायतें लेकर थाने पहुंच रहे हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य लोग शामिल हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि उनसे भी इसी प्रकार झूठी शिकायतों और बदनामी की धमकी देकर रुपए वसूले गए थे। पुलिस अब ऐसे सभी मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है।
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पुलिस ने लोगों से की अपील
गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में चौकी प्रभारी पंकज राय समेत एसआई विजेंद्र मार्को, प्रधान आरक्षक इंद्रजीत ठाकुर समेत अन्य पुलिकर्मी ने ठोस कार्रवाई की। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत, समाचार प्रकाशन या किसी अन्य माध्यम से डराकर पैसे की मांग की जाती है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
