छिंदवाड़ा में ‘ईंधन इमरजेंसी’ जैसे हालात: परासिया के पांचों पंप ड्राय, पेट्रोल के लिए रातभर लगी रहीं कतारें
छिंदवाड़ा जिले में पेट्रोल-डीजल संकट गहराने से कई पेट्रोल पंप ड्राय हो गए। कंपनियों की सख्ती और सीमित सप्लाई के चलते राशनिंग लागू है। परासिया समेत कई क्षेत्रों में लंबी कतारें लगीं, जबकि परिवहन और कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
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विस्तार
छिंदवाड़ा जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को जिले के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई, जबकि कोयलांचल क्षेत्र परासिया में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। नगर के सभी पांच पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राय हो गए। सुबह से ही कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ और ‘ड्राय’ के बोर्ड लग गए, जिससे वाहन चालकों में अफरातफरी मच गई।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई लोग अपनी बाइक और कारों को धक्का लगाकर ले जाते दिखाई दिए। जिन पंपों पर थोड़ा बहुत स्टॉक बचा था, वहां लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद भी केवल 200 से 500 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से ईंधन की सप्लाई अनियमित चल रही थी, लेकिन सोमवार को अचानक संकट और गहरा गया। कई पेट्रोल पंपों पर सुबह 10 बजे से पहले ही पेट्रोल खत्म हो गया।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग से बढ़ी सख्ती
सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियों ने डीलर्स को मौखिक निर्देश देकर बिक्री पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया है। अब हर पेट्रोल पंप के स्टॉक और बिक्री की रियल टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। डीलर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित सीमा से अधिक पेट्रोल या डीजल बेचने पर संबंधित मशीन को तुरंत लॉक कर दिया जाएगा।
इसी कारण पंप संचालक तय सीमा से ज्यादा ईंधन देने से बच रहे हैं। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कंपनियां नया टैंकर तभी भेज रही हैं, जब पुराना स्टॉक लगभग खत्म हो जाता है। इससे सप्लाई चेन में बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। ईंधन संकट को देखते हुए जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर राशनिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पेट्रोल-डीजल पहुंचाया जा सके।
वर्तमान लिमिट
- दोपहिया और छोटी कारों को 200 से 500 रुपये तक पेट्रोल
- चार पहिया वाहनों को अधिकतम 50 लीटर
- भारी वाहनों को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल
कई जगह वाहन की टंकी फुल कराने पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। पंप संचालकों ने कैन और डिब्बों में पेट्रोल देने पर भी रोक लगा दी है, ताकि जमाखोरी न हो सके।
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परासिया में सबसे ज्यादा असर
परासिया में सोमवार को हालात किसी आपात स्थिति जैसे नजर आए। नगर के सभी पांच पेट्रोल पंप ड्राय हो गए। लोग पेट्रोल मिलने की सूचना पर एक पंप से दूसरे पंप तक दौड़ते रहे। शाम को कुछ पंपों पर सीमित स्टॉक पहुंचा, लेकिन वहां भी देर रात तक लंबी कतारें लगी रहीं। कई वाहन चालक बोतल लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें तीन-तीन घंटे इंतजार के बाद पेट्रोल मिल पाया।
न्यूटन, रावनवाड़ा और खिरसाढोह में भी परेशानी
संकट का असर न्यूटन चिखली, रावनवाड़ा बाईपास और खिरसाढोह क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर भी दिखाई दिया। कई जगह दिनभर डीजल नहीं मिला, जिससे मालवाहक वाहन चालकों और बस संचालकों की मुश्किलें बढ़ गईं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान रहे। कई किसानों ने डीजल नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई है।
मिडिल ईस्ट तनाव और कालाबाजारी की आशंका
जानकारों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी वजह से तेल कंपनियां नियंत्रित वितरण व्यवस्था अपनाकर सप्लाई मैनेजमेंट कर रही हैं। कंपनियों का मानना है कि यदि बिक्री नियंत्रित नहीं की गई तो कालाबाजारी और जमाखोरी बढ़ सकती है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि सीमित आपूर्ति और राशनिंग से डर का माहौल बन गया है, जिसके कारण लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवहन और बाजार पर असर
ईंधन संकट का असर अब परिवहन व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। कई निजी बस संचालकों ने चिंता जताई है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो रूट प्रभावित हो सकते हैं। वहीं ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल संकट बढ़ने पर आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित होगी। व्यापारियों और आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द अतिरिक्त टैंकर भेजकर ईंधन की सप्लाई सामान्य कराई जाए, ताकि जिले में हालात और न बिगड़ें।
क्या बोले पंप संगठन के अध्यक्ष?
पेट्रोल पंप संगठन के अध्यक्ष अनिल राठी का कहना है कि छिंदवाड़ा जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल डीजल की उपलब्धता है। कभी-कभी आरटीजीएस की समस्या के चलते पेट्रोल पंप ड्राई हो जाते हैं। छिंदवाड़ा जिले में किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं है।
