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Chhindwara Crime: मां के प्रेमी की बेटे ने दोस्तों संग की हत्या, शव डेम में फेंका; महिला समेत चार गिरफ्तार
Sun, 02 Aug 2026 08:53 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
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Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 08:53 PM IST
सार
छिंदवाड़ा के पुलपुलडोह गांव में मां के प्रेम संबंध से नाराज बेटे ने दो दोस्तों के साथ मिलकर उसके प्रेमी की हत्या कर दी। शव डेम में फेंक दिया। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
छिंदवाड़ा के पुलपुलडोह गांव में मां के प्रेम संबंध से नाराज बेटे ने दो दोस्तों के साथ मिलकर उसके प्रेमी की हत्या कर दी। शव डेम में फेंक दिया। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिछुआ थाना क्षेत्र के पुलपुलडोह गांव में प्रेम संबंध का अंत खौफनाक हत्याकांड में हुआ। करीब एक दशक से चले आ रहे प्रेम प्रसंग से नाराज बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर मां के प्रेमी की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को चादर में लपेटकर मोटरसाइकिल से कई किलोमीटर दूर दांत फाड़िया नदी स्थित स्टाफ डेम में फेंक दिया, ताकि हत्या का खुलासा न हो सके। हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 31 जुलाई को पुलपुलडोह निवासी सकुन बनवारी ने थाना बिछुआ में गांव के ध्रुपदास रेरवारे (55) के लापता होने की सूचना दी थी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे और एसडीओपी चौरई भारती जाट के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश उइके के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की मदद से मृतक की लोकेशन और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दांत फाड़िया नदी स्थित स्टाफ डेम में एक शव दिखाई दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान ध्रुपदास रेरवारे के रूप में हुई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, जिससे स्पष्ट हो गया कि मौत डूबने से नहीं, बल्कि सिर पर किए गए हमले से हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। संदेह के आधार पर पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
पढ़ें: '18 साल से कम के लिए नहीं'...फिर भी स्कूल में चला दी फिल्म, सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच गया मामला
गांव में चर्चा का विषय था प्रेम प्रसंग
जांच में सामने आया कि ध्रुपदास रेरवारे का गांव की रहने वाली गीता बादशाह (50) से पिछले आठ से दस वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के रिश्ते की चर्चा पूरे गांव में होती थी। इसे लेकर गीता का बेटा कृष्णकांत उर्फ प्यारे बादशाह लगातार नाराज रहता था। उसने कई बार मां और ध्रुपदास को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने संबंध खत्म नहीं किए। परिवार और समाज में हो रही बदनामी से परेशान होकर कृष्णकांत अपनी पत्नी के साथ दूधगांव स्थित ससुराल में रहने लगा था।
मां के घर पहुंचा तो प्रेमी को देखकर खो बैठा आपा
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की रात करीब 11 बजे कृष्णकांत अपने दोस्त अजय उर्फ अज्जू विश्वकर्मा और शकील खान के साथ मोटरसाइकिल से मां का हालचाल लेने पुलपुलडोह पहुंचा। घर के अंदर उसने ध्रुपदास को पलंग पर सोते देखा। यह देखकर वह गुस्से में आ गया। उसने घर में रखी लोहे की फूंकनी उठाकर ध्रुपदास के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से ध्रुपदास की मौके पर ही मौत हो गई।
शव ठिकाने लगाने की बनाई साजिश
हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की योजना बनाई। उन्होंने शव को चादर में लपेटा और पल्सर मोटरसाइकिल से दांत फाड़िया नदी स्थित स्टाफ डेम तक ले जाकर पानी में फेंक दिया। आरोपियों को उम्मीद थी कि मामला गुमशुदगी या हादसे का लगेगा, लेकिन पुलिस जांच में पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गीता बादशाह, उसके बेटे कृष्णकांत उर्फ प्यारे बादशाह, अजय उर्फ अज्जू विश्वकर्मा और शकील खान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की फूंकनी और शव ले जाने में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।
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पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 31 जुलाई को पुलपुलडोह निवासी सकुन बनवारी ने थाना बिछुआ में गांव के ध्रुपदास रेरवारे (55) के लापता होने की सूचना दी थी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे और एसडीओपी चौरई भारती जाट के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश उइके के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की मदद से मृतक की लोकेशन और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दांत फाड़िया नदी स्थित स्टाफ डेम में एक शव दिखाई दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान ध्रुपदास रेरवारे के रूप में हुई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, जिससे स्पष्ट हो गया कि मौत डूबने से नहीं, बल्कि सिर पर किए गए हमले से हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। संदेह के आधार पर पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
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गांव में चर्चा का विषय था प्रेम प्रसंग
जांच में सामने आया कि ध्रुपदास रेरवारे का गांव की रहने वाली गीता बादशाह (50) से पिछले आठ से दस वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के रिश्ते की चर्चा पूरे गांव में होती थी। इसे लेकर गीता का बेटा कृष्णकांत उर्फ प्यारे बादशाह लगातार नाराज रहता था। उसने कई बार मां और ध्रुपदास को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने संबंध खत्म नहीं किए। परिवार और समाज में हो रही बदनामी से परेशान होकर कृष्णकांत अपनी पत्नी के साथ दूधगांव स्थित ससुराल में रहने लगा था।
मां के घर पहुंचा तो प्रेमी को देखकर खो बैठा आपा
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की रात करीब 11 बजे कृष्णकांत अपने दोस्त अजय उर्फ अज्जू विश्वकर्मा और शकील खान के साथ मोटरसाइकिल से मां का हालचाल लेने पुलपुलडोह पहुंचा। घर के अंदर उसने ध्रुपदास को पलंग पर सोते देखा। यह देखकर वह गुस्से में आ गया। उसने घर में रखी लोहे की फूंकनी उठाकर ध्रुपदास के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से ध्रुपदास की मौके पर ही मौत हो गई।
शव ठिकाने लगाने की बनाई साजिश
हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की योजना बनाई। उन्होंने शव को चादर में लपेटा और पल्सर मोटरसाइकिल से दांत फाड़िया नदी स्थित स्टाफ डेम तक ले जाकर पानी में फेंक दिया। आरोपियों को उम्मीद थी कि मामला गुमशुदगी या हादसे का लगेगा, लेकिन पुलिस जांच में पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गीता बादशाह, उसके बेटे कृष्णकांत उर्फ प्यारे बादशाह, अजय उर्फ अज्जू विश्वकर्मा और शकील खान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की फूंकनी और शव ले जाने में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।
