सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dhar News ›   MP: Congress expresses outrage over supply of contaminated water in Dhar submits memorandum to ADM

MP: धार में गंदे पानी की सप्लाई पर कांग्रेस का आक्रोश, एडीएम को सौंपा ज्ञापन; इंदौर हादसे के बाद भी सबक नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Mon, 05 Jan 2026 03:47 PM IST
विज्ञापन
सार

Dhar: धार में गंदे पानी की सप्लाई और नगर पालिका की लापरवाही को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। भागीरथपुरा हादसे का हवाला देते हुए जांच समिति द्वारा फिल्टर प्लांट की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

MP: Congress expresses outrage over supply of contaminated water in Dhar submits memorandum to ADM
ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

इंदौर के भागीरथपुरा में हुए हादसे के बाद भी धार नगर पालिका प्रशासन शहर में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम संजीव कुमार पांडे को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की है। इस दौरान शरद चौरसिया, करीम कुरैशी, मनीष भार्गव, बंटी डोड सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

Trending Videos

हादसा लापरवाही का परिणाम
कांग्रेस प्रवक्ता अजयसिंह ठाकुर ने कहा कि इंदौर में नर्मदा जल में सीवरेज का पानी मिलने से भागीरथपुरा क्षेत्र में 17 लोगों की आकस्मिक मृत्यु हुई, जो सीधे तौर पर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इसी तरह धार नगर में भी वर्षों से अत्यंत गंदा, बदबूदार और कीड़ेयुक्त पानी सप्लाई किया जा रहा है। इस संबंध में आम जनता और जनप्रतिनिधियों ने कई बार नगर पालिका अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: आग में झुलसने से पांच माह की मासूम की दर्दनाक मौत, एंबुलेंस नहीं मिलने का परिजनों ने लगाया आरोप

वर्षों से नहीं हुई जांच
ठाकुर ने बताया कि 50 हजार से एक लाख की आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक 10 दिन में फिल्टर प्लांट की जांच अनिवार्य है, लेकिन वर्ष 2024 के बाद पिछले दो वर्षों से किसी प्रकार की जांच नहीं कराई गई। नगर पालिका के पास न तो अनुभवी स्वास्थ्य अधिकारी हैं और न ही केमिस्ट। नगर में बनी पानी की टंकियों की आज तक सफाई नहीं कराई गई है, जिनमें भारी मात्रा में गाद जमा है। उन्होंने टंकियों की जांच कर तत्काल सफाई की मांग की।

पुरानी पाइपलाइन बनी खतरा
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि पिछले एक वर्ष तक फिल्टर प्लांट बंद रहा, जिसकी भी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है। नगर में करीब 60 प्रतिशत पानी की पाइपलाइन पुरानी और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिसे तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में मानकों को ताक पर रखकर पाइपलाइन बिछाई गई, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed