MP: बैंक नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, बायोमेट्रिक सत्यापन में हुआ खुलासा; दो आरोपी गिरफ्तार
धार में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। परीक्षा में डमी उम्मीदवार "मुन्ना भाई" को भेजकर नौकरी दिलाई जा रही थी। बायोमेट्रिक सत्यापन में यह झांसा पकड़ में आया और दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
विस्तार
धार में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान परीक्षा में एक डमी उम्मीदवार, जिसे "मुन्ना भाई" के नाम से बुलाया गया, असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देता था। परीक्षा उत्तीर्ण होने पर संबंधित को नौकरी भी मिल जाती थी। हालांकि, विभागीय बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान यह षड्यंत्र उजागर हो गया।
बैंक अधिकारियों ने इस मामले की सूचना नौगांव पुलिस को दी। पुलिस ने बैंक अधिकारी अरुण कुमार जैन की रिपोर्ट पर आरोपी शुभम गुप्ता (पिता: राकेश गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, हरियाणा), पंकज कुमार मीणा (पिता: मदन मोहन मीणा, उम्र 27 वर्ष, राजस्थान) और राकेश मीणा (पिता: चिंरजीलाल मीणा, उम्र 34 वर्ष, राजस्थान) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नौगांव निरीक्षक हिरुसिंह रावत, उनि. बीपी तिवारी, सउनि. विजय सिंह डामोर, आरक्षक 246 अनिल बीसी और देवेन्द्र परमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मामले का खुलासा
दरअसल, शहर की बसंत विहार कॉलोनी में बैंक ऑफ इंडिया की आंचलिक कार्यालय स्थित है। कार्यालय अधिकारियों के अनुसार बड़वानी जिले में पदस्थ पंकज कुमार मीणा और खरगोन जिले में पदस्थ राकेश मीणा पिछले समय से बायोमेट्रिक सत्यापन में लगातार अड़चन पैदा कर रहे थे। दोनों कर्मचारी सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे और अपनी जगह परीक्षा देने वाले मुन्ना भाई को कार्यालय में भेजा। हरियाणा से आए शुभम गुप्ता ने इस प्रक्रिया में शामिल होकर नौकरी हासिल करने का प्रयास किया। बैंक में नौकरी के नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई।
मोबाइल और दस्तावेज जब्त
एसपी मयंक अवस्थी और सीएसपी सुजावल जग्गा के निर्देशन में नौगांव पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2021-22 से वे दूसरे अभ्यर्थियों के नाम पर आवेदन कर फोटो एडिटिंग और परीक्षा देने की प्रक्रिया में संलिप्त थे। इसके बदले 6 से 8 लाख रुपये तक का लेन-देन होता था। वर्तमान में वे सहायक मैनेजर और बैंक क्लर्क के पद पर पदस्थ हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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नौकरी अंजड़ शाखा में शुरू
आईबीपीएस द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया के तहत पंकज कुमार मीणा का चयन हुआ था। मुख्य परीक्षा इंदौर सेंटर पर 13 अक्टूबर 2024 को संपन्न हुई। नियुक्ति के लिए बैंक ऑफ इंडिया धार अंचल के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा 3 सितंबर 2025 को दस्तावेज़ और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। पंकज ने बैंक की अंजड़ शाखा में कार्यभार ग्रहण भी कर लिया था।
वीडियो कॉल से खुलासा
कुछ समय पहले भी पंकज ने सत्यापन के लिए उपस्थित न होने का बहाना बनाया था। 6 जनवरी को पुनः बुलाए जाने पर उनके स्थान पर शुभम गुप्ता आए। फोटो मैच न होने पर शाखा प्रबंधक ने वीडियो कॉल के माध्यम से पहचान की। इसी दौरान शुभम भागने का प्रयास करने लगे, जिससे अधिकारियों का संदेह बढ़ा और उन्हें मुख्य मार्ग पर रोक लिया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुन्ना भाई भी बैंक कर्मचारी
पूछताछ में शुभम ने बताया कि वर्तमान में वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा हरियाणा में पदस्थ हैं। राकेश मीणा, जो खरगोन जिले में बैंक शाखा में कार्यरत है, की नियुक्ति में भी उन्होंने अनैतिक मदद की थी।
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