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अंतिम सफर पर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह: भोपाल के बैरागढ़ विश्राम घाट पर भाई और बेटे ने दी मुखाग्नि
Fri, 17 Dec 2021 12:43 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 17 Dec 2021 12:43 PM IST
सार
सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का अंतिम संस्कार भोपाल के बैरागढ़ विश्राम घाट पर होगा। सेना के 3-ईएमई सेंटर के मिलिट्री हॉस्पिटल से अंतिम सफर शुरू हुआ।
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ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह पंचतत्व में विलीन।
- फोटो : सोशल मीडिया
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सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भोपाल के बैरागढ़ विश्राम घाट पर राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके भाई तनुल और बेटे रिद रिमन ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले फूलों से सजे ट्रक में उनकी पार्थिव देह को सेना के 3-ईएमई सेंटर के मिलिट्री हॉस्पिटल से बैरागढ़ में यथाशक्ति विश्राम घाट पहुंची। पूरे रास्ते में लोगों ने भारत माता की जय, वरुण सिंह अमर सिंह के नारे लगाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विश्राम घाट पहुंचकर शहीद को सैल्यूट किया। मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, पीसी शर्मा, कुणाल चौधरी समेत काफी संख्या में आम लोग मौजूद रहे। एयरफोर्स के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने भी विश्राम घाट पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की पार्थिव देह भोपाल पहुंची थी। यहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयरपोर्ट पर ही ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को श्रद्धांजलि दी। जब उन्हें उनके घर ले जाया जा रहा था तो ट्रक के पीछे-पीछे शिवराज सिंह चौहान भी काफी देर तक पैदल ही चले। उनके साथ मंत्री विश्वास सारंग और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा भी थे। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि भेंट करने की घोषणा भी की थी। तमिलनाडु के कुन्नूर में 8 दिसंबर को CDS बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश में घायल वरुण सिंह का बुधवार को निधन हो गया था। वरुण 7 दिन से बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती थे।
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की अंतिम यात्रा।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री ने कहा था कि मैं भारत माता के सच्चे सपूत शौर्य के प्रतीक वीर योद्धा वरुण सिंह जी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। वे अद्भुत और अद्वितीय योद्धा थे। उन्होंने पहले भी मौत को मात दी थी। अब वे हमारे बीच नहीं हैं। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। वह परिवार पूरे देश का, पूरे प्रदेश का परिवार है। हर भारतवासी उस परिवार के साथ खड़ा है। हमारे वीर योद्धा को न केवल सम्मान के साथ विदा किया जाएगा, बल्कि उनकी स्मृति बनाए रखने के लिए परिवार से चर्चा कर संस्था का नाम और प्रतिमा लगाने पर विचार-विमर्श करेंगे। उनकी जो भी भावनाएं होंगी, उनका ध्यान रखते हुए हम कदम उठाएंगे। अमर शहीद को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि भी परिजनों को भेट करेंगे।
मध्यप्रदेश के वीर सपूत #VarunSingh निकले अपने अंतिम सफर पर ,सेना के वाहन के पीछे चल रहे हैं भोपालवासियों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि और विदाई ।#वरूण_सिंह
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) December 17, 2021
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11 साल के बच्चे विनायक ने भी दी श्रद्धांजलि। अंतिम सफर में शामिल हुआ।
- फोटो : सोशल मीडिया
पिता ने कहा था- फाइटर हैं वरुण, जंग जरूर जीतेंगे
वरुण सिंह का जब बेंगलुरू में इलाज चल रहा था, तब उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह ने कहा था कि वरुण एक फाइटर हैं। वह जीतकर ही बाहर आएंगे। पर, ऐसा नहीं हुआ। वरुण सिंह जिंदगी की जंग हार गए। वरुण के पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह एयरपोर्ट रोड स्थित सन सिटी कॉलोनी में रहते हैं। कर्नल केपी सिंह के दोस्त कर्नल महेंद्र त्यागी ने कहा कि वरुण बड़े पराक्रमी थे। सुबह वरुण के निधन की जानकारी मिली। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वरुण अब हमारे बीच नहीं हैं।
वरुण सिंह का जब बेंगलुरू में इलाज चल रहा था, तब उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह ने कहा था कि वरुण एक फाइटर हैं। वह जीतकर ही बाहर आएंगे। पर, ऐसा नहीं हुआ। वरुण सिंह जिंदगी की जंग हार गए। वरुण के पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह एयरपोर्ट रोड स्थित सन सिटी कॉलोनी में रहते हैं। कर्नल केपी सिंह के दोस्त कर्नल महेंद्र त्यागी ने कहा कि वरुण बड़े पराक्रमी थे। सुबह वरुण के निधन की जानकारी मिली। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वरुण अब हमारे बीच नहीं हैं।
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फूलों से सजे ट्रक में पार्थिव देह को 3-ईएमई सेंटर से बैरागढ़ विश्राम घाट ले जाया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
20 साल पहले आए थे भोपाल
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का परिवार 20 साल पहले भोपाल शिफ्ट हुआ था। पिता केपी सिंह और मां उमा सिंह यहीं रहते हैं। वरुण अपनी पत्नी-बच्चों के साथ तमिलनाडु के वेलिंग्टन में रहते थे। उनका छोटा भाई तनुज नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर है।
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का परिवार 20 साल पहले भोपाल शिफ्ट हुआ था। पिता केपी सिंह और मां उमा सिंह यहीं रहते हैं। वरुण अपनी पत्नी-बच्चों के साथ तमिलनाडु के वेलिंग्टन में रहते थे। उनका छोटा भाई तनुज नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर है।
