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Guna News: चंगाई सभा में धर्मांतरण के खेल पर कसा पुलिस का शिकंजा, एफआईआर दर्ज, पास्टर समेत सहयोगी फरार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: गुना ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 05:00 PM IST
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सार
मोहनपुर खुर्द में चंगाई सभा के नाम पर चल रही धर्मांतरण गतिविधियों ने मामला गरमा दिया है, पुलिस ने केस दर्ज कर पास्टर समेत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बेनकाब हुआ धर्मांतरण का खेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के म्याना थाना क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़े एक बड़े मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहनपुर खुर्द गांव में चंगाई सभा के नाम पर चल रही गतिविधियों को लेकर मुख्य आरोपी पास्टर उत्तम बारेला, विकास बारेला और उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए म्याना थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
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पुलिस मौके से मिले साक्ष्यों और वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक हितिका बासल ने कहा है कि प्रलोभन, डर या अंधविश्वास के जरिए लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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क्या है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहनपुर खुर्द गांव में चंगाई सभा के नाम पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों को इकट्ठा किया जाता था। यहां कथित रूप से झाड़-फूंक और चमत्कारी इलाज के नाम पर लोगों को प्रभावित किया जाता था।
आरोप है कि पास्टर ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके प्रभाव में आने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी ठीक हो सकती हैं। साथ ही, लोगों को डराया जाता था कि अगर वे उनकी बात नहीं मानेंगे, तो उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सभाओं में लोगों को आकर्षित करने के लिए भोजन, विशेष रूप से मांसाहार, और आर्थिक मदद जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। इसके जरिए उन्हें धीरे-धीरे अपनी आस्था बदलने के लिए प्रेरित किया जाता था। यह भी आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी लोगों को सरकारी दस्तावेजों में जाति न बदलने की सलाह दी जाती थी, ताकि वे आरक्षण और अन्य योजनाओं का लाभ लेते रहें।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह गतिविधियां किसी एक स्थान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ स्थानीय लोगों ने बाहरी संस्थानों से जुड़े लोगों की भूमिका होने की बात कही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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