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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Guna News ›   "Garland of shoes" became the cause of death, 45 days later the viral video took his life.

MP: 'मैं समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचा, मुझे नहीं जीना', वीडियो वायरल होते ही किसान ने पी लिया कीटनाशक

Sat, 08 Aug 2026 11:45 AM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: गुना ब्यूरो Updated Sat, 08 Aug 2026 11:45 AM IST
सार

गुना के राघौगढ़ क्षेत्र में शादीशुदा महिला के घर से चले जाने के मामले में शक के आधार पर एक किसान को बंधक बनाकर पीटने, जूतों-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाने का आरोप  लगा था। बदनामी से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान था। जिसके चलते कीटनाशक पीकर अपनी जान दे दी। पढ़ें पूरी खबर

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"Garland of shoes" became the cause of death, 45 days later the viral video took his life.
अजोड़ सिंह बंजारा को गले में चप्पल की माला पहनाकर इस तरह घुमाया गया था। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुना के राघौगढ़ क्षेत्र में सार्वजनिक बदनामी से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद एक किसान ने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। इस घटना के बाद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 
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मामला जंजाली चौकी क्षेत्र के होरिबे गांव का है। करीब डेढ़ महीने पहले गांव की एक शादीशुदा महिला अपने घर से चली गई थी। आरोप था कि वह गांव के ही एक युवक के साथ गई है।
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महिला के ससुराल पक्ष को शक था कि इस पूरे मामले में युवक के चाचा किसान अजोड़ सिंह बंजारा (45) की भूमिका है। बस इसी शक में कुछ लोगों ने किसान को घर से उठा लिया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पीड़ित के साथ घंटों मारपीट की गई थी। उन्हें बंधक बनाकर गले में जूतों-चप्पलों की माला डाली गई और पूरे गांव में घुमाया गया था। इस दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया था।
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सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और अजोड़ सिंह को भीड़ से छुड़ाकर ले आई थी। पीड़ित किसान ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी थी।

कुछ दिनों बाद मामला थम गई गया, लेकिन उसका जख्म नहीं भरा। आरोप है कि सवा महीने (45 दिन) बाद उन्हीं आरोपियों ने वह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो  वायरल हो गया। पीड़ित को भी यह खबर लग गई। परिजनों के अनुसार वीडियो देखने के बाद पीड़ित गहरे अवसाद में चले गया था। उनके चचेरे भाई तोफान सिंह ने बताया, अजोड़ कहने लगा था कि अब लोग मुझ पर उंगली उठाएंगे, हंसेंगे। मैं समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचा। मुझे जीना नहीं है। इतना कहकर अजोड़ सिंह ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया।

परिजन आनन-फानन में उन्हें पहले राघौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया। लेकिन गुना ले जाते समय रास्ते में ही अजोड़ सिंह ने दम तोड़ दिया। एक पल की गलती, एक वीडियो और एक सार्वजनिक अपमान ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।

मामला दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने पुराने मामले के साथ-साथ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में भी प्रकरण दर्ज किया है। डायल-112 के पास पहले से इस घटना की शिकायत दर्ज थी। अब पुलिस वायरल वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने के साथ आरोपियों की पहचान कर रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी शुरू हो गई है।


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अब आगे क्या होगा?
घटना के बाद होरिबे गांव में सन्नाटा है। अजोड़ सिंह के घर में मातम पसरा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण कह रहे हैं कि अजोड़ सीधा-सादा किसान था। उसे इस तरह निशाना नहीं बनाना चाहिए था। गुना पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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