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Guna Bus Accident: फिटनेस खत्म, बीमा नहीं फिर भी दौड़ रही थी बस, सीएम बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 28 Dec 2023 04:54 PM IST
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सार
गुना बस हादसे के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। घटना की हर स्तर पर जांच की जा रही है। सीएम मोहन यादव ने घायलों से मुलाकात की। दोषियों को नहीं बख्शने के निर्देश दिए। वहीं राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने भी घटना पर शोक जताया है। वहीं देर शाम बस चालक, डंपर चालक और बस मालिक पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
गुना हादसे वाली बस की खत्म हो चुकी थी फिटनेस
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
बुधवार रात हुए गुना बस हादसे को लेकर नए खुलासे हुए हैं। डंपर से टक्कर के बाद आग में खाक हुई बस में 13 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। आग की शिकार बस का 15 साल पुरानी थी, उसका फिटनेस व बीमा भी खत्म हो चुका था, फिर भी वह मिलीभगत से सड़क पर दौड़ रही थी। घटना को लेकर अनेक सवाल उठे हैं। इस बीच सीएम डॉ. मोहन यादव गुरुवार सुबह गुना पहुंचे और अस्पताल जाकर हादसे में 14 घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके आदेश पर परिवहन विभाग के कई शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया गया है। उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व पीएम नरेंद्र मोदी समेत अनेक नेताओं ने हादसे पर दुख जताया है।
बता दें, बुधवार शाम गुना से आरोन जा रही बस की डंपर से टक्कर हुई थी। इसके बाद बस में आग लग गई। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोगों का इलाज चल रहा है। वहीं देर शाम बस चालक, डंपर चालक और बस मालिक पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जो भी जवाबदार होगा, उसे नहीं छोड़ेंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैंने हादसे के बाद कलेक्टर-एसपी से बात की थी। यह घटना हृदयविदारक है। हम कोशिश करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। बस का परमिट नहीं था तो वह कैसे चल रही थी। जिस टर्निंग पॉइंट पर यह टक्कर हुई, उसका क्या कर सकते हैं, यह भी देखेंगे। सभी डेंजर जोन को चिह्नित कर ठीक किया जाएगा। जो भी जवाबदार होगा, उसे नहीं छोड़ेंगे। मैं दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ हूं।
जांच समिति तीन दिन में देगी रिपोर्ट
गुना में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच समिति गठित हो गई है। तीन दिन में यह समिति राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। गुना के अपर कलेक्टर मुकेश कुमार शर्मा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। इनमें दुर्घटना के कारण, दुर्घटनाग्रस्त बस और डंपर को प्राप्त विभिन्न अनुमतियों, बस में आग लगने के कारण, उत्तरदायी विभागों की भूमिका आदि की जांच शामिल है।
बगैर परमिट वाहनों पर करें कार्रवाई
उधर, राज्य स्तर से सभी जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे जा रहे हैं कि यदि बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरतें और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। सीएम डॉ. यादव ने बुधवार को ही घटना की जांच के आदेश दिए थे। आर्थिक सहायता की घोषणा भी की थी। मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के भी निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए गए हैं।
हादसे में लापता हुए लोग
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने उठाए सवाल
इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सीएल मुकाती ने दुर्घटनाग्रस्त बस के कागज सोशल मीडिया पर शेयर किए। साथ ही लिखा कि‘महोदय, बस 15 वर्ष पुरानी है। रोड पर कैसे चल रही थी? फिटनेस, बीमा नहीं है। RC डिटेल डाली है। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ बहुत गहरी है। मोहन (यादव) सरकार को सुदर्शन चक्र चलना पड़ेगा विभाग पर। ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग इसपर ध्यान नहीं देते हैं।’
ढाई साल पहले खत्म हो चुका था बीमा
आग में खाक हुई बस क्रमांक एमपी 08-पी-0199 का रजिस्ट्रेशन 15 साल तीन माह पहले हुआ था। उसका फिटनेस खत्म हो चुका है, जो 17 फरवरी 2022 तक ही वैध था। इसी तरह टैक्स की वैधता भी जुलाई 2022 में खत्म हो चुकी है। पीयूसी तो बना ही नहीं है। इसके अलावा बीमा भी 30 अप्रैल 2021 तक ही था। परिवहन विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक 15 साल पुरानी यात्री बसों को परमिट नहीं दिया जाता है।
हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए
मंदसौर के पूर्व विधायक यशपाल सिसोदिया ने एक्स पर लिखा कि ‘सीएम मोहन यादव जी दुखद और हृदयविदारक इस घटना को आपने गंभीरता से लिया, सारे आवश्यक कार्य छोड़कर के आप गंभीर घायलों की कुशलता पूछने के लिए निकल रहे हैं। बस में अनेक अनियमितता थीं। दोषी के ऊपर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।’
राष्ट्रपति ने संवेदना व्यक्त की
बस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक जाहिर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मध्य प्रदेश के गुना में हुई सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार दुखद है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
हादसा हृदय विदारक : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना सड़क हादसे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा 'मध्य प्रदेश के गुना में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं, राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।'
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गुना से आरोन जा रही बस में भीषण आग लगने से यात्रियों के असामयिक निधन का समाचार हृदय विदारक है। दु:ख की इस घड़ी में हम सबकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान व परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
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बता दें, बुधवार शाम गुना से आरोन जा रही बस की डंपर से टक्कर हुई थी। इसके बाद बस में आग लग गई। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोगों का इलाज चल रहा है। वहीं देर शाम बस चालक, डंपर चालक और बस मालिक पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जो भी जवाबदार होगा, उसे नहीं छोड़ेंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैंने हादसे के बाद कलेक्टर-एसपी से बात की थी। यह घटना हृदयविदारक है। हम कोशिश करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। बस का परमिट नहीं था तो वह कैसे चल रही थी। जिस टर्निंग पॉइंट पर यह टक्कर हुई, उसका क्या कर सकते हैं, यह भी देखेंगे। सभी डेंजर जोन को चिह्नित कर ठीक किया जाएगा। जो भी जवाबदार होगा, उसे नहीं छोड़ेंगे। मैं दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ हूं।
जांच समिति तीन दिन में देगी रिपोर्ट
गुना में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच समिति गठित हो गई है। तीन दिन में यह समिति राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। गुना के अपर कलेक्टर मुकेश कुमार शर्मा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। इनमें दुर्घटना के कारण, दुर्घटनाग्रस्त बस और डंपर को प्राप्त विभिन्न अनुमतियों, बस में आग लगने के कारण, उत्तरदायी विभागों की भूमिका आदि की जांच शामिल है।
बगैर परमिट वाहनों पर करें कार्रवाई
उधर, राज्य स्तर से सभी जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे जा रहे हैं कि यदि बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरतें और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। सीएम डॉ. यादव ने बुधवार को ही घटना की जांच के आदेश दिए थे। आर्थिक सहायता की घोषणा भी की थी। मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के भी निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए गए हैं।
हादसे में लापता हुए लोग
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने उठाए सवाल
इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सीएल मुकाती ने दुर्घटनाग्रस्त बस के कागज सोशल मीडिया पर शेयर किए। साथ ही लिखा कि‘महोदय, बस 15 वर्ष पुरानी है। रोड पर कैसे चल रही थी? फिटनेस, बीमा नहीं है। RC डिटेल डाली है। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ बहुत गहरी है। मोहन (यादव) सरकार को सुदर्शन चक्र चलना पड़ेगा विभाग पर। ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग इसपर ध्यान नहीं देते हैं।’
ढाई साल पहले खत्म हो चुका था बीमा
आग में खाक हुई बस क्रमांक एमपी 08-पी-0199 का रजिस्ट्रेशन 15 साल तीन माह पहले हुआ था। उसका फिटनेस खत्म हो चुका है, जो 17 फरवरी 2022 तक ही वैध था। इसी तरह टैक्स की वैधता भी जुलाई 2022 में खत्म हो चुकी है। पीयूसी तो बना ही नहीं है। इसके अलावा बीमा भी 30 अप्रैल 2021 तक ही था। परिवहन विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक 15 साल पुरानी यात्री बसों को परमिट नहीं दिया जाता है।
हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए
मंदसौर के पूर्व विधायक यशपाल सिसोदिया ने एक्स पर लिखा कि ‘सीएम मोहन यादव जी दुखद और हृदयविदारक इस घटना को आपने गंभीरता से लिया, सारे आवश्यक कार्य छोड़कर के आप गंभीर घायलों की कुशलता पूछने के लिए निकल रहे हैं। बस में अनेक अनियमितता थीं। दोषी के ऊपर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।’
राष्ट्रपति ने संवेदना व्यक्त की
बस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक जाहिर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मध्य प्रदेश के गुना में हुई सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार दुखद है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
हादसा हृदय विदारक : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना सड़क हादसे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा 'मध्य प्रदेश के गुना में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं, राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।'
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गुना से आरोन जा रही बस में भीषण आग लगने से यात्रियों के असामयिक निधन का समाचार हृदय विदारक है। दु:ख की इस घड़ी में हम सबकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान व परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

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