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Guna: 90 हज़ार रिश्वत लेने के बाद भी पटवारी नहीं कर रहा नामांतरण, रोता-रोता ट्रैफिक सिग्नल पर चढ़ा मजबूर बाप
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, गुना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 04 Feb 2024 05:29 PM IST
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सार
इंदार तहसील बदरवास निवासी पीड़ित रामकृष्ण लोधी लंबे समय से जमीन के नामांतरण के लिए परेशान है। पीड़ित के अनुसार नामांतरण के नाम पर पटवारी ने उससे 90 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन उसके बाद भी नामांतरण नहीं किया। परेशान होकर वह शनिवार को ट्रैफिक सिग्नल के खंभे पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास करने लगा।
नामांतरण का काम नहीं होने से परेशान पिता ट्रैफिक सिग्नल पर चढ़ गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के गुना में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पटवारी द्वारा रिश्वत लेने के बाद भी नामांतरण नहीं करने से नाराज व्यक्ति ने शहर के हनुमान चौराहे पर शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामा कर डाला। पटवारी और प्रशासन से परेशान व्यक्ति फांसी लगाने चौराहे पर स्थित ट्रैफिक सिग्नल के खंभे पर चढ़ गया। हालांकि तत्काल पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
दरअसल इंदार तहसील बदरवास निवासी पीड़ित रामकृष्ण लोधी लंबे समय से जमीन के नामांतरण के लिए परेशान है। पीड़ित के अनुसार नामांतरण के नाम पर पटवारी ने उससे 90 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन उसके बाद भी नामांतरण नहीं किया। इसके बाद से वह न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। युवक के बच्चे की आरोन की गुड़ फैक्ट्री में करंट लगने से मौत हो चुकी है। वहीं जमीन के नामांतरण के लिए वह भारी परेशान है। इससे परेशान होकर वह शनिवार को ट्रैफिक सिग्नल के खंभे पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास करने लगा।
क्या है मामला
बताया जा रहा है कि रामकृष्ण लोधा निवासी इंदार तहसील बदरवास के पुत्र देवेंद्र लोधी ने एक प्लॉट खरीदा था। देवेंद्र लोधी की मृत्यु होने से आवेदक ने पुत्र के स्थान पर फौती नामांतरण के लिए आवेदन पत्र न्यायालय तहसीलदार गुना नगर में 5 अक्टूबर 23 को प्रस्तुत किया। प्रकरण में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। आवेदक ग्राम इंदार तहसील बदरवास जिला शिवपुरी का निवासी होने से तहसीलदार बदरवास से वारिसों की जानकारी भी गत 3 नवंबर 23 को मांगी गई थी। लेकिन आज दिनांक तक तहसीलदार बदरवास द्वारा वारिसों की जानकारी नहीं दी। इससे गुना तहसीलदार ने पुत्र के स्थान पर फौती नामांतरण किए जाने के लिए प्रकरण में 8 फरवरी की आगामी तारीख दी है।
पटवारी ने कहा नहीं मिल रही जानकारी
घटना के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने तत्काल रिपोर्ट के संबंध में तहसीलदार बदरवास से फोन पर चर्चा की गई। उनके द्वारा बताया गया कि मृतक देवेंद्र लोधी एवं आवेदक रामकृष्ण 10 वर्ष से ग्राम इंदार तहसील बदरवास नहीं रहता। इसलिए वारिसों की जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। आवेदक पुत्र का एकमात्र वारिस स्वयं को बता रहा है।
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दरअसल इंदार तहसील बदरवास निवासी पीड़ित रामकृष्ण लोधी लंबे समय से जमीन के नामांतरण के लिए परेशान है। पीड़ित के अनुसार नामांतरण के नाम पर पटवारी ने उससे 90 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन उसके बाद भी नामांतरण नहीं किया। इसके बाद से वह न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। युवक के बच्चे की आरोन की गुड़ फैक्ट्री में करंट लगने से मौत हो चुकी है। वहीं जमीन के नामांतरण के लिए वह भारी परेशान है। इससे परेशान होकर वह शनिवार को ट्रैफिक सिग्नल के खंभे पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास करने लगा।
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क्या है मामला
बताया जा रहा है कि रामकृष्ण लोधा निवासी इंदार तहसील बदरवास के पुत्र देवेंद्र लोधी ने एक प्लॉट खरीदा था। देवेंद्र लोधी की मृत्यु होने से आवेदक ने पुत्र के स्थान पर फौती नामांतरण के लिए आवेदन पत्र न्यायालय तहसीलदार गुना नगर में 5 अक्टूबर 23 को प्रस्तुत किया। प्रकरण में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। आवेदक ग्राम इंदार तहसील बदरवास जिला शिवपुरी का निवासी होने से तहसीलदार बदरवास से वारिसों की जानकारी भी गत 3 नवंबर 23 को मांगी गई थी। लेकिन आज दिनांक तक तहसीलदार बदरवास द्वारा वारिसों की जानकारी नहीं दी। इससे गुना तहसीलदार ने पुत्र के स्थान पर फौती नामांतरण किए जाने के लिए प्रकरण में 8 फरवरी की आगामी तारीख दी है।
पटवारी ने कहा नहीं मिल रही जानकारी
घटना के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने तत्काल रिपोर्ट के संबंध में तहसीलदार बदरवास से फोन पर चर्चा की गई। उनके द्वारा बताया गया कि मृतक देवेंद्र लोधी एवं आवेदक रामकृष्ण 10 वर्ष से ग्राम इंदार तहसील बदरवास नहीं रहता। इसलिए वारिसों की जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। आवेदक पुत्र का एकमात्र वारिस स्वयं को बता रहा है।

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