Indore:जानलेवा बायपास: अधूरे निर्माण,खराब ट्रैफिक इंजीनिरिंग, तेज स्पीड के कारण सालभर में पंद्रह मौतें
इंदौर बायपास के दोनों तरफ होटल-रेस्त्रां, बार खुल गए है। शराब पीकर लोग बायपास पर स्पीड से गाड़ी चलाते है। खराब सड़क, अधूरे डायवर्शन के कारण हादसे की संभावना ज्यादा रहती है।
विस्तार
इंदौर का 35 किलोमीटर लंबा राऊ, मांगलिया बायपास एक बड़ा ब्लैक स्पाॅट में तब्दील हो चुका है। एनएचएआई ने बगैर प्लानिंग के चार जगह ब्रिजों के एक साथ काम शुरू कर दिए। भारी वाहन दो लेन के सर्विस रोड पर डायवर्ट कर डाले और मिक्स ट्रैफिक तेज स्पीड से चल रहा है।
नतीजा सालभर में बायपास पर पंद्रह से ज्यादा लोगों ने अपनी जान सड़क हादसों में गंवाई है। हाल ही में पूर्व मंत्री की बेटी सहित तीन युवकों की मौत बायपास पर हुई है। ज्यादातर हादसे खड़े ट्रक में या डिवाइडर के टकराने से हुए है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण भारी वाहनों को दो लेन की संकरी सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया गया है, जहां मिक्स ट्रैफिक और तेज गति के कारण हादसे ज्यादा हो रहे है। बायपास पर कई जगह अंधेरा भी होता है।
यह है बायपास पर हादसों की वजह
इंदौर बायपास के दोनों तरफ होटल-रेस्त्रां, बार खुल गए है। शहरी हिस्से में सख्ती के कारण बार रात साढ़े 11 बजे बंद हो जाते है। इस कारण युवक-युवतियां रात के समय बायपास की होटलों में जाते है। वहां खुलें में शराब पीने पर कोई रोक-टोक भी नहीं होती और न ही रात को वहां शराब पीकर चलने वाले वाहनों की जांच होती है। कई हादसों में शराब पीकर वाहन चलाने की वजह भी सामने आई है।
इसके अलावा ब्रिज निर्माण के कारण सर्विस रोड पर भारी वाहनों को चलने की अनुमति दी है। रात के समय ट्रक सड़क किनारे ही खड़े हो जाते है। दूसरे वाहन खड़े वाहनों में टकरा जाते है। याताया विशेषज्ञ राजकुमार जैन का कहना है कि तेज स्पीड और नशा हादसे की बड़ी वजह है। तीन पैग पीने के बाद शरीर में अल्कोहल का स्तर 0.05 हो जाता है। इस स्थिति में शरीर आराम की मुद्रा में रहता है।निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और गतिमान वस्तु को देखने की क्षमता भी कम हो जाती है।
सालभर में पंद्रह से ज्यादा मौतें बायपास पर
-वर्ष 2024 में इंदौर में कुल 2815 हादसे दर्ज किए गए, वहीं 2025 में यह संख्या 2753 रही। इन हादसों में अब तक 224 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
-सालभर में इंदौर बायपास पर पंद्रह लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
-31 दिसंबर की रात थार और बस में भिड़त, एक छात्र की मौत हो गई।
-10 दिसंबर को अरंडिया बायपास पर पैदल सड़क पार कर रहे युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत।
- 8 अक्टूबर को शिप्रा के समीप ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी, पति की मौत हो गई। पत्नी और बच्चे गंभीर, इसी दिन स्कूल शिक्षिका की रालामंडल बायपास पर सड़क हादसे में मौत हो गई।
-7 अक्टूबर को कनाडि़या बापयास पर एक युवक की मौत हो गई,जबकि 14 लोग घायल हुए । सभी प्रदीप मिश्रा की कथा से लौट रहे थे। तूफान गाड़ी सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई।
-27 नवंबर को बेटे के सामने बायपास पर कार की टक्कर से पिता की मौत हो गई।ओमेक्स सिटी के पास पिता पैदल सड़क पार कर रहा था। उसने बेटे को बाइक पर बैठाया था।
-12 नवंबर को बायपास के एमआर 10 जंक्शन पर गमी से लौट कर बाइक पर घर जा रहे पति-पत्नी को ट्रक ने टक्कर मार दी। पति की मौत हो गई।
एक जुलाई को तेजाजी बायपास पर डिवाइडर से टकरा कर कार सवार दो छात्रों की मौत हो गई। तीसरा साथी घायल हो गया।
अब तक 224 लोगों की सड़क हादसे में मौत
इंदौर में वर्ष 2024 में इंदौर में 2815 हादसे हुए, जबकि 2025 में 2753 हादसे। 224 से ज्यादा मौतें सड़क हादसे में हुई।राऊ बायपास पर वर्ष 2024 में 9 मौतें हो चुकी है, जबकि देवास नाका से रालामंडल के हिस्से में 10 मौतें हुई है।

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