{"_id":"6a6ca0cda64030c0a90d9142","slug":"indore-news-40-deaths-at-picnic-spots-around-indore-in-five-years-most-of-the-victims-were-young-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: इंदौर के आसपास पिकनिक स्पाॅटों पर पांच साल में 40 मौतें, इनमें ज्यादातर युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: इंदौर के आसपास पिकनिक स्पाॅटों पर पांच साल में 40 मौतें, इनमें ज्यादातर युवा
Fri, 31 Jul 2026 06:49 PM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:49 PM IST
सार
बारिश का मौसम आते ही इंदौर के आसपास के झरने, बरसाती नदियां और हरियाली से घिरे पिकनिक स्पॉट पर्यटकों से गुलजार हो रहे हैं। लेकिन प्रकृति का यह आकर्षण अब लगातार हादसों की वजह भी बन रहा है।
विज्ञापन
मुहाडी फॉल
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बारिश के मौसम में इंदौर के आसपास के जंगलों में बरसाती नदियां और झरने पर्यटन स्थल बन चुके हैं। सप्ताहांत पर यहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इन स्थानों पर लगातार हादसे भी हो रहे हैं। पिछले सप्ताह पानी में डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि जिला प्रशासन ने खतरनाक पर्यटन स्थलों पर जाने की रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
बढ़ते हादसों को लेकर पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है और खतरनाक स्थानों तक जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इंदौर पुलिस के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में इंदौर के आसपास के पिकनिक स्पॉटों पर 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच रही है। सबसे अधिक युवा ही इन हादसों का शिकार हो रहे हैं और इनमें अधिकांश मौतें लापरवाही के कारण हुई हैं। इंदौर में महू के आसपास पातालपानी, लोधिया कुंड, मेहंदी कुंड, बामनिया कुंड, सीतलामाता फॉल, जाम गेट, चोरल डैम, हत्यारी खो, सिमरोल, चोरल नदी, मुहाडी फॉल, जोगिया भड़क, तिंछा फॉल और कजलीगढ़ सहित 10 से अधिक पर्यटन स्थल हैं। बारिश के दिनों में यहां घनी हरियाली छा जाती है और झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं। इन स्थानों पर अक्सर हादसे होते रहे हैं। प्रशासन ने कई खतरनाक जगहों पर जाने पर प्रतिबंध भी लगा रखा है। इसके बावजूद युवाओं के समूह वहां पहुंच जाते हैं और सेल्फी लेने या नहाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।
विज्ञापन
गहरे पानी में उतरना बन रहा जानलेवा
पिकनिक स्पॉटों पर गहरे पानी में उतरने के कारण कई बार हादसे हुए हैं। इसके अलावा झरनों के पास फिसलन भरे हिस्सों में जाने से लोग खाई में गिर जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। पिछले पांच वर्षों में इन पिकनिक स्पॉटों पर 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हादसे रोकने के लिए वीकेंड पर प्रमुख पिकनिक स्पॉटों पर होमगार्ड जवानों और रक्षा समिति के सदस्यों की तैनाती की गई है।
विज्ञापन
- उमाकांत चौधरी, डीएसपी, इंदौर ग्रामीण
पर्यटन स्थलों पर जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान
- स्नान के दौरान किनारे पर ही रहें। गहरे पानी में न उतरें। तेज बहाव के कारण कई बार चट्टानों के नीचे गहरी सुरंगें बन जाती हैं, जिनमें फंसने का खतरा रहता है।
- शराब पीकर झरनों या नदी के किनारे न जाएं। फिसलन के कारण संतुलन बिगड़ सकता है और सिर पर गंभीर चोट जानलेवा साबित हो सकती है।
- सेल्फी, रील या फोटो लेने के लिए खाई या झरने के किनारे न जाएं। बारिश के दिनों में पैर फिसलने का खतरा अधिक रहता है।
- यदि पिकनिक स्पॉट पर जा रहे हैं, तो रस्सी और आवश्यक सुरक्षा उपकरण साथ रखें तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड और प्रतिबंधों का पालन करें।
