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Indore: गुंडे सतीश भाऊ के केस में पुजारियों की बैठक लेगा प्रशासन, खजराना मंदिर के गर्भगृह में एंट्री पर बवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:09 PM IST
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सार
Indore News: इंदौर के खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में बदमाश सतीश भाऊ के अवैध प्रवेश और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मंदिर प्रबंधन ने अमर उजाला से बातचीत में इस घटना के आगे की रूपरेखा पर बातचीत की है।
मंदिर में पत्नी के साथ पूजा करता सतीश भाऊ
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के सूचीबद्ध बदमाश सतीश भाऊ ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ मंदिर के प्रतिबंधित गर्भगृह में प्रवेश कर न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि वहां के वीडियो भी बनवाए। सोशल मीडिया पर इन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंदिर प्रबंधन की सुरक्षा एजेंसी पर जुर्माना लगाया है और ड्यूटी पर तैनात गार्ड को सेवा से मुक्त कर दिया है। खजराना गणेश मंदिर के प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि जल्द ही पुजारियों की बैठक होगी और गर्भगृह में नियमों के पालन पर प्रशासनिक अधिकारी भी मार्गदर्शन देंगे। नियमों का सख्ती से पालन हो और मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बने इसी उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की जा रही है।
वीवीआईपी की तरह हुआ स्वागत और विशेष पूजा
बताया जा रहा है कि सतीश भाऊ 19 फरवरी को आयोजित होने वाले शिवाजी जयंती कार्यक्रम का पहला निमंत्रण पत्र भगवान श्रीगणेश को अर्पित करने पहुंचा था। इस दौरान मंदिर के कुछ पुजारियों ने उसका स्वागत किसी वीवीआईपी की तरह किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुजारी उसे गले लगा रहे हैं और पूरे सम्मान के साथ गर्भगृह के भीतर ले जाकर विशेष पूजा करवा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े नियमों के बावजूद एक अपराधी का इस तरह मुख्य स्थल तक पहुंचना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, यह घटना 11 फरवरी की शाम की है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से पता चला है कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने वहां मौजूद गार्ड पर दबाव बनाया और गुंडे को गर्भगृह के अंदर प्रवेश दिलाया। उस समय बालाजी सर्विस कंपनी की महिला सुरक्षाकर्मी ज्योति वरुण वहां तैनात थीं। लापरवाही बरतने के कारण ज्योति को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसी पर 21 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
पुजारियों और दोषियों पर कानूनी शिकंजा
खजराना गणेश मंदिर के प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में प्रवेश के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। इस मामले में आकाश राजावत के खिलाफ संबंधित थाने में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मंदिर प्रशासन अब उन पुजारियों की भी पहचान कर रहा है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर अपराधी को संरक्षण दिया। प्रबंधन की ओर से दोषी पुजारियों को औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में आस्था के इस केंद्र पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जल्द ही हम पुजारियों की बैठक भी आयोजित करेंगे, इसमें प्रशासन के अधिकारी भी मार्गदर्शन देंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य है खजराना मंदिर में सभी नियमों को बेहतर तरीके से पालन हो।
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वीवीआईपी की तरह हुआ स्वागत और विशेष पूजा
बताया जा रहा है कि सतीश भाऊ 19 फरवरी को आयोजित होने वाले शिवाजी जयंती कार्यक्रम का पहला निमंत्रण पत्र भगवान श्रीगणेश को अर्पित करने पहुंचा था। इस दौरान मंदिर के कुछ पुजारियों ने उसका स्वागत किसी वीवीआईपी की तरह किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुजारी उसे गले लगा रहे हैं और पूरे सम्मान के साथ गर्भगृह के भीतर ले जाकर विशेष पूजा करवा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े नियमों के बावजूद एक अपराधी का इस तरह मुख्य स्थल तक पहुंचना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
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सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, यह घटना 11 फरवरी की शाम की है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से पता चला है कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने वहां मौजूद गार्ड पर दबाव बनाया और गुंडे को गर्भगृह के अंदर प्रवेश दिलाया। उस समय बालाजी सर्विस कंपनी की महिला सुरक्षाकर्मी ज्योति वरुण वहां तैनात थीं। लापरवाही बरतने के कारण ज्योति को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसी पर 21 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
पुजारियों और दोषियों पर कानूनी शिकंजा
खजराना गणेश मंदिर के प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में प्रवेश के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। इस मामले में आकाश राजावत के खिलाफ संबंधित थाने में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मंदिर प्रशासन अब उन पुजारियों की भी पहचान कर रहा है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर अपराधी को संरक्षण दिया। प्रबंधन की ओर से दोषी पुजारियों को औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में आस्था के इस केंद्र पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जल्द ही हम पुजारियों की बैठक भी आयोजित करेंगे, इसमें प्रशासन के अधिकारी भी मार्गदर्शन देंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य है खजराना मंदिर में सभी नियमों को बेहतर तरीके से पालन हो।

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