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Indore News: कोर्ट ने वाट्सअप मैसेज को माना मौते से पहले का बयान; तीन आरोपियों को नहीं दी जमानत

Thu, 06 Aug 2026 07:14 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Thu, 06 Aug 2026 07:14 PM IST
सार

 प्रताड़ना से तंग आकर जान देने वाले आदिवासी युवक के मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आत्महत्या से पहले युवक द्वारा अपने पिता को भेजे गए व्हाट्सएप मैसेज को कोर्ट ने मृत्यु पूर्व कथन माना।

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Indore News: Court treats WhatsApp message as a dying declaration and denies bail to three accused.
इंदौर हाईकोर्ट

विस्तार

आदिवासी युवक की आत्महत्या के मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। फांसी लगाने से पहले युवक ने अपने पिता को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे थे और बताया था कि वह करण जाट, धर्मेंद्र जाट और उमेश जाट की प्रताड़ना से तंग आ चुका है। वे उसे जान से मारने की धमकी देते हैं, इस कारण वह फांसी लगा रहा है।

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पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, उसमें तीनों आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। कोर्ट ने धार कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। अदालत ने उनके खिलाफ दायर अपीलों को भी निरस्त कर दिया।
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अभियोजन पक्ष ने उच्च न्यायालय को बताया कि संतोष उर्फ लखन ओसारी ने कृषि भूमि विवाद को लेकर करण जाट, धर्मेन्द्र जाट और उमेश जाट से मिली कथित प्रताड़ना, गाली-गलौज, अपमान और जान से मारने की धमकियों के कारण फांसी लगा ली थी। जांच में सामने आया कि 7 मई को अपनी मृत्यु से पहले ओसारी ने अपने पिता को व्हाट्सएप संदेश भेजे थे।

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उच्च न्यायालय ने टिप्पणी में कहा कि, "अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मृतक के मोबाइल फोन से संबंधित पंचनामा है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि अपनी मृत्यु से ठीक पहले, मृतक ने अपने पिता के मोबाइल नंबर पर तीन व्हाट्सएप संदेश भेजे थे।" कोर्ट ने कहा कि यह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मृत्यु पूर्व कथन के रूप में कार्य करता है।
 

आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि तीनों का ओसारी की आत्महत्या से कोई संबंध नहीं है और पुरानी रंजिश के कारण उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि ओसारी ने अपनी मृत्यु से पहले भेजे व्हाट्सएप संदेशों में विशेष रूप से आरोपियों के नाम लिए थे।

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