MP: च्युइंग गम ने दिलाई दोहरे उम्रकैद की सजा, प्रेम प्रसंग में दंपती को मारने वाला पूरी जिंदगी रहेगा जेल में
इंदौर के 2020 के चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी धनंजय को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटनास्थल से मिली च्युइंग गम के डीएनए से आरोपी की पहचान हुई। प्रेम संबंध के विरोध में नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी ने हत्या की साजिश रची थी। बेटी अपनी सजा पूरी कर रिहा हो चुकी है।
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इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में दिसंबर 2020 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी धनंजय को दोषी करार देकर दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में एसएफ में पदस्थ ज्योति प्रसाद शर्मा और उनकी पत्नी नीलम शर्मा की हत्या कर दी गई थी। मामले में सबसे अहम साक्ष्य घटनास्थल से बरामद एक च्युइंग गम साबित हुई। पुलिस ने उसका डीएनए परीक्षण कराया, जिसकी रिपोर्ट आरोपी धनंजय के डीएनए से मेल खाई। इसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य समेत अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने धनंजय को दोषी करार देते हुए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपी धनंजय को दोषी ठहराया। पुलिस जांच में सामने आया था कि मृतक दंपति की नाबालिग बेटी ने अपने प्रेमी धनंजय के साथ मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था।
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प्रेमी से दूर रहने की सलाह दी तो करवा दी हत्या
जांच के अनुसार, ज्योति प्रसाद शर्मा अपनी नाबालिग बेटी को धनंजय से दूर रहने की लगातार समझाइश दे रहे थे। इसी बात से नाराज होकर दोनों ने मिलकर माता-पिता की हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद उन्होंने पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया, लेकिन जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें मृतक दंपति के बेटे और मृतक के भाई की गवाही को अदालत ने महत्वपूर्ण माना। इसके अलावा घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने भी अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत किया।
बेटी सजा भुगतकर हुई रिहा
बता दें कि मामले में नाबालिग बेटी को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था। उसे कोर्ट ने पहले ही एक साल की सजा दी थी, जो पूरी भी हो चुकी है।
