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Indore News: 23 नवोदित कवियों को काव्य दीप सम्मान, कवि देवकृष्ण व्यास स्वर्णाक्षर से सम्मानित
Fri, 03 Jul 2026 05:27 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 03 Jul 2026 05:27 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभागार में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा काव्य कुंअर और काव्य दीप सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
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विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में सम्मान समारोह हुआ।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुंअर बेचैन की जन्म जयंती पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान व डॉ. कुंअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया द्वारा बुधवार को प्रीतमलाल दुआ सभागार में काव्य कुंअर व काव्य दीप सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी व अध्यक्ष देवकृष्ण व्यास रहे, साथ ही, वरिष्ठ पत्रकार हरिश फतेहचन्दानी व लोकप्रिय गीतकार अमन अक्षर विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथि स्वागत प्रदीप जोशी, नितेश गुप्ता, संजय त्रिपाठी, डॉ. संध्या सिलावट ने किया। शब्द स्वागत मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ’अविचल’ ने किया। भरत कुमार उपाध्याय ने डॉ. कुंअर बेचैन के जीवन पर प्रकाश डाला। तदुपरान्त अतिथियों ने वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास को स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि शंकर लालवानी ने कहा कि ‘अमृतकाल के भारत में युवा ही महत्त्वपूर्ण हैं और युवाओं को अपने कार्य से पहचान बनानी चाहिए। रचनाकारों की लेखनी देश के प्राण हैं।’ हरीश फतेहचंदानी संबोधित करते हुए कहा कि ‘सरकार चाहे कोई भी हो, कवियों को निर्भय रहकर अपने भाव लोगों तक पहुंचाना चाहिए।’ अमन अक्षर ने कहा कि ‘आज कुंअर बेचैन का स्मरण इंदौर में करना हमारी पीढ़ी का सौभाग्य है, हमें डॉ. बेचैन जी की तरह सहज भाव से लेखन करना चाहिए।’ अंत में अध्यक्षता कर रहे श्री व्यास ने कहा कि ‘आप लिखें, ख़ूब लिखें पर लिखते समय हृदय में राष्ट्र रखना। और जब तक लिखने वाला बेचैन नहीं होगा, वह कवि नहीं हो सकता और तालियां किसी कविता की सफलता नहीं तय करतीं।’
कार्यक्रम संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया व अंत में आभार कवि चेतन जोशी ने माना। हिन्दी आंदोलन, हिन्दीग्राम व मातृभाषा डॉट कॉम के सहयोग से सर्जना का सम्मान हुआ। इस अवसर पर अरविंद तिवारी, शिशिर उपाध्याय, दिनेश दवे, श्याम कामले, अनिता बिरला, स्वाति सिंह साहिबा, कल्याणी गुप्ता, नैवेद्य पुरोहित, प्रमोद दीक्षित, विनीता तिवारी, लक्ष्मीकांत पंडित, मार्टिन पिंटो, शिवम सिंह, वैदिक पराशर, वेदांत चतुर्वेदी आदि सुधिजन मौजूद रहे।
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काव्य दीप सम्मान से ये कवि हुए सम्मानित
उज्जैन से प्रशांत व्यास ‘रुद्र’, फतेहपुर से सुंदरम फतेहपुरी, नरसिंहपुर से मेघा मिश्रा, बालाघाट से माही शुक्ला, आष्टा से अंकित शर्मा, मंदसौर से अभिषेक सोलंकी व सुभाष बोराना, सनावद से गौरव पटेल नीलकंठ व श्रीधरा पटेल, सोनगढ़ से नारायण कुमावत, सिवनी से राज तेकाम, कसरावद से गौतम रावल, टोकसर से अजय वर्मा एवं इंदौर से प्रशांत राव चौरसे, हिमांशु मंगला वर्मा, पवन जोशी, कुलश्रेष्ठ शर्मा, प्राची शर्मा, निशिका नागर, डॉ. आभांश शर्मा, गोपाल सोलंकी इंदौरी, विशाल शर्मा ‘जानिब’ व यश शुक्ला को संस्थान द्वारा काव्य दीप सम्मान से सम्मानित किया।
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मुख्य अतिथि शंकर लालवानी ने कहा कि ‘अमृतकाल के भारत में युवा ही महत्त्वपूर्ण हैं और युवाओं को अपने कार्य से पहचान बनानी चाहिए। रचनाकारों की लेखनी देश के प्राण हैं।’ हरीश फतेहचंदानी संबोधित करते हुए कहा कि ‘सरकार चाहे कोई भी हो, कवियों को निर्भय रहकर अपने भाव लोगों तक पहुंचाना चाहिए।’ अमन अक्षर ने कहा कि ‘आज कुंअर बेचैन का स्मरण इंदौर में करना हमारी पीढ़ी का सौभाग्य है, हमें डॉ. बेचैन जी की तरह सहज भाव से लेखन करना चाहिए।’ अंत में अध्यक्षता कर रहे श्री व्यास ने कहा कि ‘आप लिखें, ख़ूब लिखें पर लिखते समय हृदय में राष्ट्र रखना। और जब तक लिखने वाला बेचैन नहीं होगा, वह कवि नहीं हो सकता और तालियां किसी कविता की सफलता नहीं तय करतीं।’
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कार्यक्रम संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया व अंत में आभार कवि चेतन जोशी ने माना। हिन्दी आंदोलन, हिन्दीग्राम व मातृभाषा डॉट कॉम के सहयोग से सर्जना का सम्मान हुआ। इस अवसर पर अरविंद तिवारी, शिशिर उपाध्याय, दिनेश दवे, श्याम कामले, अनिता बिरला, स्वाति सिंह साहिबा, कल्याणी गुप्ता, नैवेद्य पुरोहित, प्रमोद दीक्षित, विनीता तिवारी, लक्ष्मीकांत पंडित, मार्टिन पिंटो, शिवम सिंह, वैदिक पराशर, वेदांत चतुर्वेदी आदि सुधिजन मौजूद रहे।
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काव्य दीप सम्मान से ये कवि हुए सम्मानित
उज्जैन से प्रशांत व्यास ‘रुद्र’, फतेहपुर से सुंदरम फतेहपुरी, नरसिंहपुर से मेघा मिश्रा, बालाघाट से माही शुक्ला, आष्टा से अंकित शर्मा, मंदसौर से अभिषेक सोलंकी व सुभाष बोराना, सनावद से गौरव पटेल नीलकंठ व श्रीधरा पटेल, सोनगढ़ से नारायण कुमावत, सिवनी से राज तेकाम, कसरावद से गौतम रावल, टोकसर से अजय वर्मा एवं इंदौर से प्रशांत राव चौरसे, हिमांशु मंगला वर्मा, पवन जोशी, कुलश्रेष्ठ शर्मा, प्राची शर्मा, निशिका नागर, डॉ. आभांश शर्मा, गोपाल सोलंकी इंदौरी, विशाल शर्मा ‘जानिब’ व यश शुक्ला को संस्थान द्वारा काव्य दीप सम्मान से सम्मानित किया।
