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Indore News: 11 लाख दान देने वाले बड़े कारोबारी ने की आत्महत्या, बाजार में गिरावट और कर्ज से डूबे
Wed, 01 Jul 2026 10:26 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:26 AM IST
सार
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट और लेनदेन की डायरी मिली है, जिसमें कर्ज के कारण यह कदम उठाने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बहादुर सिंह
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
खुड़ैल क्षेत्र में कर्ज के दबाव के चलते एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को पिपलादा स्थित हनुमान मंदिर के पीछे कुएं के पास कारोबारी का शव बरामद किया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किया है जिसके आधार पर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
खुड़ैल पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 45 वर्षीय बहादुर सिंह पुत्र अतरसिंह परिहार के रूप में हुई है जो ग्राम शिवनी के निवासी थे। बहादुर सिंह खुड़ैल क्षेत्र के एक बड़े और प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी कारोबारी माने जाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं जबकि अन्य रिश्तेदार अलग निवास करते हैं।
दोस्तों को भेजे संदेश
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बहादुर सिंह मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अपने घर से बिना बताए निकल गए थे। इसके बाद दोपहर करीब 11:30 बजे उन्होंने अपने कुछ करीबी दोस्तों को मोबाइल पर संदेश भेजे। इन संदेशों में उन्होंने भारी कर्ज होने और उसे न चुका पाने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए अपना जीवन समाप्त करने की बात कही थी। संदेश मिलते ही दोस्तों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत बहादुर सिंह को फोन करना शुरू किया साथ ही उनकी तलाश में जुट गए। हालांकि तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शाम को उनका शव हनुमान मंदिर के पास मिला।
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सुसाइड नोट में दर्द का खुलासा
बहादुर सिंह ने कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने लिखा कि वह पूरी तरह से अपनी मर्जी से यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उनके जाने के बाद परिवार के लोगों को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। नोट में उन्होंने जिक्र किया कि उनका परिवार बहुत सुखी था लेकिन शायद ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने अपनी मौत की एकमात्र वजह कर्ज के भारी बोझ को बताया है। उन्होंने आगे लिखा कि वह आर्थिक तंगी और कर्ज से बेहद परेशान हो चुके हैं और अब जीवन को समाप्त करना ही उनके पास एकमात्र रास्ता बचा है। बहादुर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके परिवार को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कुछ करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी डायरी में लेनदेन और पूरे हिसाब-किताब का विवरण लिखा है जो परिवार को मिल जाएगा।
जमीन निवेश में घाटा बनी वजह
मृतक के दोस्तों और परिचितों ने बताया कि बहादुर सिंह एक सामाजिक व्यक्ति थे और हनुमान जी के परम भक्त थे। उन्होंने कुछ समय पहले ही स्थानीय मंदिर में 11 लाख रुपए की बड़ी राशि दान में दी थी। खुड़ैल और इंदौर के मुख्य इलाकों में उनकी कई संपत्तियां और जमीन-मकान मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में जमीनों के दाम बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए उन्होंने बाजार से भारी कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी। लेकिन बाजार में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आई और निवेश फंसने के कारण उन पर कर्ज का दबाव लगातार बढ़ता चला गया। इसी आर्थिक तनाव को वे झेल नहीं पाए और उन्होंने यह घातक कदम उठा लिया। वर्तमान में खुड़ैल थाना पुलिस सुसाइड नोट, डायरी और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
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खुड़ैल पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 45 वर्षीय बहादुर सिंह पुत्र अतरसिंह परिहार के रूप में हुई है जो ग्राम शिवनी के निवासी थे। बहादुर सिंह खुड़ैल क्षेत्र के एक बड़े और प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी कारोबारी माने जाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं जबकि अन्य रिश्तेदार अलग निवास करते हैं।
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दोस्तों को भेजे संदेश
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बहादुर सिंह मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अपने घर से बिना बताए निकल गए थे। इसके बाद दोपहर करीब 11:30 बजे उन्होंने अपने कुछ करीबी दोस्तों को मोबाइल पर संदेश भेजे। इन संदेशों में उन्होंने भारी कर्ज होने और उसे न चुका पाने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए अपना जीवन समाप्त करने की बात कही थी। संदेश मिलते ही दोस्तों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत बहादुर सिंह को फोन करना शुरू किया साथ ही उनकी तलाश में जुट गए। हालांकि तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शाम को उनका शव हनुमान मंदिर के पास मिला।
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सुसाइड नोट में दर्द का खुलासा
बहादुर सिंह ने कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने लिखा कि वह पूरी तरह से अपनी मर्जी से यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उनके जाने के बाद परिवार के लोगों को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। नोट में उन्होंने जिक्र किया कि उनका परिवार बहुत सुखी था लेकिन शायद ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने अपनी मौत की एकमात्र वजह कर्ज के भारी बोझ को बताया है। उन्होंने आगे लिखा कि वह आर्थिक तंगी और कर्ज से बेहद परेशान हो चुके हैं और अब जीवन को समाप्त करना ही उनके पास एकमात्र रास्ता बचा है। बहादुर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके परिवार को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कुछ करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी डायरी में लेनदेन और पूरे हिसाब-किताब का विवरण लिखा है जो परिवार को मिल जाएगा।
जमीन निवेश में घाटा बनी वजह
मृतक के दोस्तों और परिचितों ने बताया कि बहादुर सिंह एक सामाजिक व्यक्ति थे और हनुमान जी के परम भक्त थे। उन्होंने कुछ समय पहले ही स्थानीय मंदिर में 11 लाख रुपए की बड़ी राशि दान में दी थी। खुड़ैल और इंदौर के मुख्य इलाकों में उनकी कई संपत्तियां और जमीन-मकान मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में जमीनों के दाम बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए उन्होंने बाजार से भारी कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी। लेकिन बाजार में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आई और निवेश फंसने के कारण उन पर कर्ज का दबाव लगातार बढ़ता चला गया। इसी आर्थिक तनाव को वे झेल नहीं पाए और उन्होंने यह घातक कदम उठा लिया। वर्तमान में खुड़ैल थाना पुलिस सुसाइड नोट, डायरी और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
