Indore News: इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष बिड़ला की हार्ट अटैक से मौत, शहर की हर मैराथन में भाग लेते थे
इंदौर में कम उम्र और फिट लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बिचौली मर्दाना निवासी रियल एस्टेट कारोबारी मनीष बिड़ला की 52 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत ने एक बार फिर इस चिंता को गहरा कर दिया है।
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इंदौर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मनीष बिड़ला की 52 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वे फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहते थे और मैराथन में भी भाग लेते थे। उनकी मौत ने उनके दोस्तों और परिचितों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि संतुलित जीवनशैली और नियमित व्यायाम करने के बावजूद हार्ट अटैक क्यों आ रहे हैं। इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि नियमित व्यायाम करने के बावजूद हार्ट अटैक होने के मामलों में ज्यादातर कारण आनुवंशिक होते हैं या व्यक्ति को पहले से कोई हृदय संबंधी बीमारी होती है, जिसके बारे में उसे जानकारी नहीं होती।
सीने में दर्द होने पर कार से जा रहे थे अस्पताल
मनीष को रविवार दोपहर अचानक सीने में दर्द उठा। वे अपने भतीजे के साथ कार से रिंग रोड स्थित एक निजी अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उन्हें तेज दर्द होने लगा। भतीजा कुछ समझ नहीं पाया। जब वह मनीष को लेकर अस्पताल पहुंचा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार रीजनल पार्क मुक्तिधाम में किया गया।
मनीष के दोस्तों का कहना है कि वे नियमित रूप से जिम जाते थे और शहर में होने वाली लगभग हर मैराथन में भाग लेते थे। फिटनेस का इतना ध्यान रखने वाले व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ना सभी के लिए हैरानी की बात है।
फिटनेस अच्छी है तो भी नियमित जांच कराएं
आमतौर पर यह देखा जाता है कि जो व्यक्ति फिटनेस पर ध्यान देता है और संतुलित आहार लेता है, वह यह मान लेता है कि उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं हो सकती। जबकि दिल का दौरा पड़ने के कई कारण हो सकते हैं। यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता है। लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। 50 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव या लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
संतुलित व्यायाम करें
35 वर्ष की उम्र के बाद व्यायाम का उद्देश्य खुद को फिट रखना होना चाहिए, न कि केवल शरीर बनाने के लिए अत्यधिक मेहनत करना। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से हृदय पर दबाव बढ़ सकता है। जिम में व्यायाम करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यदि आप बात कर रहे हैं या गुनगुना रहे हैं, तो आपकी सांस नहीं फूलनी चाहिए।
-डॉ. भरत रावत, हृदय रोग विशेषज्ञ
इन कारणों से कम उम्र में आता है हार्ट अटैक
यदि परिवार में 55 वर्ष से कम उम्र के किसी पुरुष या 65 वर्ष से कम उम्र की किसी महिला को हृदय रोग हुआ हो, तो अन्य सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आनुवंशिक कारणों से कम उम्र में दिल का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं, रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति और कुछ नशीले पदार्थों का सेवन भी इसके कारण हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता का व्यायाम करें।
- धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह बचें।
- संतुलित आहार लें और वजन नियंत्रित रखें।
- रक्तचाप, रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराएं, खासकर यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो।
- प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
