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Indore News: हर महीने डॉग बाइट के 15 हजार केस, रविवार को भी खुले अस्पताल, डॉक्टर बोले- इन बातों का ध्यान रखें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 28 Apr 2026 07:00 PM IST
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सार
Indore News: इंदौर शहर में श्वानों के काटने की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है, जहां अकेले लाल अस्पताल में प्रतिमाह 5000 मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ते संक्रमण और सुरक्षा उपायों को लेकर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण सलाह दी है।
अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में डॉग बाइट की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अकेले लाल अस्पताल में प्रतिमाह 5 हजार मामले सामने आ रहे हैं। अनुमान है कि शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर यह संख्या 15 हजार के पार है। चिकित्सकों के अनुसार डॉग विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। गर्मी के कारण इन मामलों में भारी वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का परामर्श है कि सुरक्षित रहने के लिए घटना के तुरंत बाद वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है।
टीकाकरण हेतु उपलब्ध स्वास्थ्य केंद्र
प्रशासन ने रेबीज के इंजेक्शन हेतु जिले में 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्था की है। ग्रामीण क्षेत्रों में देपालपुर, अटाहेड़ा, गौतमपुरा, बेटमा, हातोद, कम्पेल, खुर्द, महू, मानपुर, हास्सलपुर, गवली पलासिया, सिमरोल, सिविल अस्पताल महू, सांवेर, चंद्रावतीगंज, पालिया, डकाच्या और क्षिप्रा में यह सुविधा है। शहरी क्षेत्र में मल्हारगंज, राजेंद्र नगर, एमओजी लाइन, जिला चिकित्सालय, नंदा नगर, बाणगंगा, संयोगितागंज, खजराना और पीसी सेठी अस्पताल में टीके उपलब्ध हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सभी जगह से लोग वैक्सीन लगवाने के लिए लाल अस्पताल ही आते हैं। यदि सभी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण हो तो लाल अस्पताल पर बढ़ता बोझ कम हो सकता है और मरीजों को लंबी कतारों से मुक्ति मिल सकती है।
गर्मी बढ़ने से डॉग बाइट के केस में बढ़े
शासकीय हुकुमचंद अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण जड़िया ने बताया कि उनके अस्पताल में हर महीने लगभग 5000 केस आ रहे हैं। पूरे शहर का आंकड़ा 10 से 15 हजार या उससे अधिक हो सकता है। गर्मी में बढ़ते मामलों पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक तापमान के कारण डॉग्स के व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ जाता है, जिससे उनके काटने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
वैक्सीन लगवाने में देरी न करें
डॉक्टर जड़िया के अनुसार कोई भी वैक्सीन शत प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं होती, लेकिन सही समय पर उपचार बचाव का एकमात्र तरीका है। अस्पताल में कैटेगरी तीन के मरीजों के लिए इम्यूनोग्लोबुलिन भी उपलब्ध है। यदि घाव गहरा हो तो मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। कई बार इलाज में देरी या शेड्यूल पूरा न करने के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।
जरूरी सावधानियों का ध्यान रखें
घटना होने पर प्रभावित स्थान को बहते पानी और डिटर्जेंट साबुन से 10 से 15 मिनट तक धोना चाहिए। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि घाव पर चूना, हल्दी या मिर्च लगाना पूर्णतः गलत है। इंदौर में 26 स्थानों पर एंटी रेबीज वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध है। लाल अस्पताल में इम्यूनोग्लोबुलिन भी मुफ्त लगाया जाता है।
रविवार को भी खुल रहा अस्पताल
हुकुमचंद पॉलीक्लीनिक यानी लाल अस्पताल वर्ष के 365 दिन 24 घंटे खुला रहता है। अवकाश और रविवार के दिन टीकाकरण का समय सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक रहता है। डॉक्टर ने अपील की है कि छुट्टी का सोचकर उपचार में देरी न करें, क्योंकि जितनी जल्दी इंजेक्शन लगेगा, जीवन उतना ही सुरक्षित रहेगा।
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टीकाकरण हेतु उपलब्ध स्वास्थ्य केंद्र
प्रशासन ने रेबीज के इंजेक्शन हेतु जिले में 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्था की है। ग्रामीण क्षेत्रों में देपालपुर, अटाहेड़ा, गौतमपुरा, बेटमा, हातोद, कम्पेल, खुर्द, महू, मानपुर, हास्सलपुर, गवली पलासिया, सिमरोल, सिविल अस्पताल महू, सांवेर, चंद्रावतीगंज, पालिया, डकाच्या और क्षिप्रा में यह सुविधा है। शहरी क्षेत्र में मल्हारगंज, राजेंद्र नगर, एमओजी लाइन, जिला चिकित्सालय, नंदा नगर, बाणगंगा, संयोगितागंज, खजराना और पीसी सेठी अस्पताल में टीके उपलब्ध हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सभी जगह से लोग वैक्सीन लगवाने के लिए लाल अस्पताल ही आते हैं। यदि सभी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण हो तो लाल अस्पताल पर बढ़ता बोझ कम हो सकता है और मरीजों को लंबी कतारों से मुक्ति मिल सकती है।
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गर्मी बढ़ने से डॉग बाइट के केस में बढ़े
शासकीय हुकुमचंद अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण जड़िया ने बताया कि उनके अस्पताल में हर महीने लगभग 5000 केस आ रहे हैं। पूरे शहर का आंकड़ा 10 से 15 हजार या उससे अधिक हो सकता है। गर्मी में बढ़ते मामलों पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक तापमान के कारण डॉग्स के व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ जाता है, जिससे उनके काटने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
वैक्सीन लगवाने में देरी न करें
डॉक्टर जड़िया के अनुसार कोई भी वैक्सीन शत प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं होती, लेकिन सही समय पर उपचार बचाव का एकमात्र तरीका है। अस्पताल में कैटेगरी तीन के मरीजों के लिए इम्यूनोग्लोबुलिन भी उपलब्ध है। यदि घाव गहरा हो तो मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। कई बार इलाज में देरी या शेड्यूल पूरा न करने के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।
जरूरी सावधानियों का ध्यान रखें
घटना होने पर प्रभावित स्थान को बहते पानी और डिटर्जेंट साबुन से 10 से 15 मिनट तक धोना चाहिए। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि घाव पर चूना, हल्दी या मिर्च लगाना पूर्णतः गलत है। इंदौर में 26 स्थानों पर एंटी रेबीज वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध है। लाल अस्पताल में इम्यूनोग्लोबुलिन भी मुफ्त लगाया जाता है।
रविवार को भी खुल रहा अस्पताल
हुकुमचंद पॉलीक्लीनिक यानी लाल अस्पताल वर्ष के 365 दिन 24 घंटे खुला रहता है। अवकाश और रविवार के दिन टीकाकरण का समय सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक रहता है। डॉक्टर ने अपील की है कि छुट्टी का सोचकर उपचार में देरी न करें, क्योंकि जितनी जल्दी इंजेक्शन लगेगा, जीवन उतना ही सुरक्षित रहेगा।
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