Indore News: महू के चर्चित मेंहदीकुंड हत्याकांड पर आया फैसला, आरोपी को दोहरी उम्रकैद
मेहंदीकुंड में नौ साल पहले हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में जिला अदालत ने फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी बलराम मकवाना को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे दोहरे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर से 40 किलोमीटर दूर स्थित मेहंदीकुंड में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में जिला कोर्ट का फैसला आया है। इसमें एक आरोपी को कोर्ट ने दोहरे उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्याकांड से जुड़े दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। नौ साल पहले पिकनिक स्पॉट मेहंदी कुंड और नकोड़ी कुंडी के बीच युवक-युवती की 200 फीट गहरी खाई में फेंककर हत्या की गई थी।
खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। इस केस में अब फैसला आया है। अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल की कोर्ट ने आरोपी बलराम पिता नवल सिंह मकवाना निवासी बसी पीपरी, महू को दोषी पाते हुए दोहरे आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।
यह है मामला
घटना 6 नवंबर 2017 की है। महू के समीप के गांव में रहने वाले युवक-युवती स्कूटर से पिकनिक स्पॉट मेहंदीकुंड घूमने निकले थे। इसी बीच आरोपी बलराम एवं अन्य इन्हें मिले। रास्ता बताने के बहाने दोनों को अपने साथ जंगल में नकोड़ी कुंड के पास गहरी खाई वाले स्थान पर ले गए।
आरोप था कि डरा-धमकाकर, मारपीट कर इनके पास से 5200 रुपए नकद, आधार कार्ड, सोने की चेन आदि छीन लिए और इन्हें खाई में धकेल दिया। बाद में इनकी मौत हुई या नहीं, यह देखने के लिए आरोपी खाई में उतरे और पत्थरों से उनके सिर कुचलकर शवों को बड़े-बड़े पत्थरों से ढंककर फरार हो गए। परिजनों ने दोनो की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई, लेकिन कुछ पता नहीं चला था।
ऐसे हुआ था पर्दाफाश
इस घटना के लगभग छह माह बाद 4 बोरी चना चोरी के एक अन्य मामले में आरोपी बलराम जेल गया था। वहां उसका एक अन्य आरोपी से आपस में एक-दूसरे को चोरी के आरोप में फंसाने की बात पर विवाद हुआ। गुस्से में बलराम ने हत्याकांड की बात बता दी, जिससे इस हत्याकांड का पता चला। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों के शव खाई में मिले, लेकिन इतना समय बीत जाने के कारण वे कंकाल में बदल चुके थे। प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय मिमरोट द्वारा पैरवी की गई। इस वारदात में शामिल आरोपी घटना के समय नाबालिग थे, जबकि एक अभी तक फरार है।

कमेंट
कमेंट X