Indore: विशेष टिप्पणी- विकसित भारत की नींव रखने वाला और सुधारों को आगे बढ़ाने वाला बजट
बजट के नए प्रावधानों से बुनियादी ढांचा, छोटे शहर, एमएसएमई, शिक्षा, पर्यटन और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में नई पीढ़ी के लिए रोजगार के व्यापक मौके बढ़ेंगे। यह कवायद सात फीसदी से अधिक विकास दर पाने की रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई दी हैं।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार एक फरवरी को प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आम आदमी के लिए राहत और विकसित भारत के लिए साहसिक सुधारों को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक बजट है।
तीन कर्तव्यों पर आधारित बजट
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत सुधारों की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए तीन कर्तव्यों पर बजट को आधारित किया है। इनमें उत्पादकता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना, लोगों की आशंकाओं को पूरा करने के लिए क्षमता निर्माण और सबका साथ, सबके विकास के मद्देनजर ढांचागत सुधार के साथ प्रगति करना शामिल है। इस बजट में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये सुनिश्चित किया गया है। यद्यपि, बजट के तहत इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन एक अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू किया जाना, सुनिश्चित करके आयकर संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और आयकर भरना आसान किया गया है।
सात फीसदी से ज्यादा जीडीपी का लक्ष्य
बजट के नए प्रावधानों से बुनियादी ढांचा, छोटे शहर, एमएसएमई, शिक्षा, पर्यटन और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में नई पीढ़ी के लिए रोजगार के व्यापक मौके बढ़ेंगे। खास बात यह भी है कि आगामी वर्ष के बजट के तहत वित्त मंत्री राहत और विकास के बीच सूझबूझपूर्ण संतुलन बनाते हुए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 फीसदी के स्तर पर सीमित रखने और सात फीसदी से अधिक विकास दर पाने की रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई दी हैं।
छोटे शहरों के विकास का प्रावधान
गौरतलब है कि नए बजट के तहत वित्त मंत्री ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चिता, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में धीमेपन के बीच अगली पीढ़ी के सुधार, नीतिगत स्थिरता और दीर्घकालीन विकास की रणनीति के साथ घरेलू मांग की मजबूती पर्यावरण नवाचार, उद्यमिता बुनियादी ढांचा, कृषि विकास, गरीब, युवा, महिला और किसान वर्ग के लिए राहत के प्रभावी प्रावधानों के साथ मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र रक्षा, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) स्वदेशी प्रोत्साहन और हरित ऊर्जा पर बड़े एलान किए हैं। इनके साथ-साथ भारत को वैश्विक बायो फॉर्मा केंद्र बनाने, शहरी आर्थिक क्षेत्रों के निर्माण, नए राष्ट्रीय जल मार्ग, सात हाई स्पीड कोरिडोर, व्यापार सुगमता, कंटेंनर निर्माण, बुजुर्गों के लिए मजबूत इकोसिस्टम, टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के विकास के लिए प्रभावी प्रावधान किए गए हैं।
आर्थिक विकास को ऐतिहासिक मोड़
निश्चित रूप से वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा एक फरवरी को प्रस्तुत आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का प्रस्तुत बजट कोई साधारण वार्षिक बजट नहीं है, बल्कि यह बजट देश के आर्थिक परिदृश्य को ऐतिहासिक मोड़ देने वाला बजट है। उम्मीद करें कि इस बजट से जहां देश में साहसिक सुधारों का नया युग शुरू होगा, वहीं आम आदमी के लिए अधिक राहत और देश के लिए तेज विकास का नया परिदृश्य निर्मित होगा। उम्मीद करें कि वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 के बजट के बजट के लक्ष्य के तहत राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 फीसदी तक रखने में कामयाब होंगी। यह भी विश्वास करें कि इस अभूतपूर्व बजट से देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ेगी और यह बजट देश को वर्ष 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने वाला और 2047 तक विकसित भारत बनाने की नींव रखने वाला बजट सिद्ध होगा। डॉ. जयंतीलाल भंडारी, अर्थशास्त्री

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