MP: जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस को लगाई फटकार, कहा- गिरफ्तारी के गंभीर प्रयास कर रिकॉर्ड पेश करें
हत्या के मामले में फरार अपीलकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। अदालत ने 15 दिन का समय देते हुए गिरफ्तारी के गंभीर प्रयास, वीडियोग्राफी, जीपीएस लोकेशन और दैनिक कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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भोपाल पुलिस आयुक्त की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का आवेदन प्रस्तुत करते हुए अपीलकर्ता को गिरफ्तार करने के लिए 15 दिनों का समय देने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस ए.के. सिंह की युगलपीठ ने आवेदन स्वीकार कर लिया। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के लिए गंभीर और सकारात्मक प्रयास किए जाएं। साथ ही, आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की कार्रवाई की वीडियोग्राफी, जीपीएस लोकेशन तथा प्रतिदिन किए गए प्रयासों का पूरा विवरण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया जाए।
भोपाल निवासी नवाब सेटिंगवाला ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ वर्ष 1996 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हत्या के मामले में जमानत मिलने के बाद अपील की सुनवाई के दौरान वह लगातार अनुपस्थित रहा। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान उसे पेश करने के लिए पहले जमानती और फिर गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। वारंट की तामील नहीं होने पर हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को हलफनामा और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
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हलफनामे में गंभीर त्रुटियां
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस के हलफनामे में गंभीर त्रुटियां हैं। अपीलकर्ता और उसके भाई के पिता का नाम अलग-अलग दर्ज किया गया था। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि रिपोर्ट पर्याप्त सावधानी के बिना तैयार की गई है। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। पूर्व में दायर हलफनामे में प्रयुक्त फाइबर मसाज शब्द पर भी कोर्ट ने आपत्ति जताई थी और उसका अर्थ स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे।
