Jabalpur News: मंदिरों के लिए सनातन बोर्ड के गठन की मांग, शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने उठाए सवाल
द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने मंदिरों के लिए स्वतंत्र सनातन बोर्ड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक ज्ञान के बिना अधिकारी मंदिरों का प्रबंधन कर रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
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द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने सनातनी हिंदू मंदिरों के प्रबंधन को लेकर चिंता जताते हुए मंदिरों के लिए स्वतंत्र सनातन बोर्ड के गठन की मांग की है। परमहंसी गंगा आश्रम जाते समय पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने कहा कि देशभर के अधिकांश हिंदू मंदिर शासन के अधीन हैं, जबकि उनका संचालन ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों में होता है जिन्हें धार्मिक परंपराओं, शास्त्रों तथा पाप-पुण्य की अवधारणाओं का पर्याप्त ज्ञान नहीं होता।
उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों से कथित रूप से 200 करोड़ रुपये के चढ़ावे की चोरी की खबर को गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि नोटों की गिनती में शामिल लगभग 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं, जो आस्था के साथ खिलवाड़ का विषय है।
शंकराचार्य ने कहा कि जब किसी कार्य के लिए वैकल्पिक और अयोग्य व्यवस्था बनाई जाती है तो ऐसे परिणाम सामने आते हैं। जिस व्यक्ति को जिस विषय का ज्ञान और अनुभव हो, उसी को उसका दायित्व सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों की देखरेख करने वाले कई अधिकारी हमारी तपोभूमि और धार्मिक स्थलों को केवल पर्यटन स्थल के रूप में देखते हैं।
उन्होंने मांग की कि मंदिरों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए सनातन धर्म बोर्ड तथा सनातन धर्म संरक्षण समिति का गठन किया जाए। धार्मिक स्थलों से जुड़े विषयों का संचालन ऐसे लोगों को सौंपा जाना चाहिए जिन्हें धर्म और परंपराओं की गहरी समझ हो। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर में चोरी जैसी घटना हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लग सके।
