स्कूलों की बदहाली पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, 6 हफ्ते में मांगी आधारभूत सुविधाओं की रिपोर्ट; नोटिस जारी
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी और नगरीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से 6 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में सरकारी और नगरीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों की आधारभूत संरचना और सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को छह सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
युगलपीठ ने इस मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है।
दरअसल, जबलपुर जिले के करौंदी स्थित कैंट स्कूल की बदहाल स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रकाशित एक समाचार को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था। इसके बाद चीफ जस्टिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के आदेश दिए थे।
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सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि संबंधित स्कूल का संचालन राज्य सरकार नहीं, बल्कि स्थानीय निकाय द्वारा किया जाता है। इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने निर्देश दिया कि प्रदेश में राज्य सरकार और नगरीय निकायों द्वारा संचालित सभी स्कूलों की आधारभूत संरचना, उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की विस्तृत जानकारी अगली सुनवाई में प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

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