MP News: तिरंगे के अपमान के आरोप में मंत्री राव उदय प्रताप को कोर्ट का नोटिस, 16 अप्रैल को अगली सुनवाई
तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप में मध्यप्रदेश के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। कोर्ट ने मंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान के आरोप को लेकर विशेष न्यायालय एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश डी.पी. सूत्रकार ने मंत्री उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह परिवाद नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव निवासी कौशल की ओर से दायर किया गया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 11 अगस्त 2024 को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था, जिसका नेतृत्व प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह कर रहे थे।
परिवाद के अनुसार मंत्री उस दौरान एक खुली जीप के बोनट पर बैठे हुए लोगों को संबोधित कर रहे थे। आरोप है कि जीप के बोनट पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को इस तरह लगाया गया था कि वह झुक रहा था और मंत्री के पैरों को स्पर्श कर रहा था, जिससे उसकी गरिमा प्रभावित हुई।
गाडरवारा थाने में शिकायत भी की गई थी
इस संबंध में गाडरवारा थाने में शिकायत भी की गई थी, लेकिन परिवादकर्ता का आरोप है कि मंत्री पद के प्रभाव के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक को भी कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अदालत में परिवाद दायर किया गया।
ये भी पढ़ें- MP: बैंक से 6 साल पहले मृत व्यक्ति के खाते से निकले हजारों रुपये, इन तीन कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल
तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान
परिवाद में कहा गया है कि यह घटना राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस अधिनियम के तहत वाहन के बोनट, छत या किसी अन्य हिस्से को राष्ट्रीय ध्वज से ढकना या उसे इस प्रकार लगाना जिससे उसकी गरिमा प्रभावित हो, प्रतिबंधित है। यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
परिवाद में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश ने मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

कमेंट
कमेंट X