Jabalpur News: आवारा कुत्तों पर हाईकोर्ट सख्त, टीकाकरण-नसबंदी के दिए निर्देश; सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के नगरीय निकाय और गृह विभाग को सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए अगली सुनवाई 6 अगस्त तय की है।
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जबलपुर हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया तथा न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रदेश सरकार के नगरीय निकाय एवं गृह विभाग को सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी कराने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश देते हुए अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की है।
सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के आतंक को गंभीरता से लेते हुए डॉग बाइट और रेबीज की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने सरकारी और निजी संस्थानों, जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक खेल परिसर और रेलवे स्टेशन आदि को चिन्हित करते हुए वहां घूमने वाले आवारा कुत्तों का टीकाकरण एवं नसबंदी कराने के निर्देश दिए थे।
सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निकायों को यह भी निर्देश दिए थे कि वे इन स्थानों का समय-समय पर निरीक्षण करें, ताकि आवारा कुत्ते वहां अपना ठिकाना न बना सकें। इसके अलावा जिन कुत्तों को रेबीज है या रेबीज होने की आशंका है, उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश भी दिए गए थे। साथ ही, देश के सभी हाईकोर्टों को इस विषय पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
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हाईकोर्ट पहले से ही भोपाल में एक बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले की घटना का स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई कर रहा था। इसके अलावा आवारा कुत्तों से संबंधित अन्य याचिकाएं भी दायर की गई थीं। शुक्रवार को युगलपीठ ने सभी याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नगरीय निकाय एवं गृह विभाग को कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए।
