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Justice: दोहरे हत्याकांड में सजा-ए-मौत, पत्नी और सौतेली बेटी को बके से ताबड़तोड़ हमला कर उतारा था मौत के घाट
Fri, 24 Jul 2026 09:20 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:20 PM IST
सार
जबलपुर के बरगी में पत्नी और सौतेली बेटी की बका से हत्या करने वाले रामजी भूमिया को अदालत ने दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोहरे हत्याकांड को दुर्लभतम अपराध मानते हुए तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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जबलपुर में दोहरे हत्याकांड के दोषी को मौत की सजा सुनाई गई है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जबलपुर के बरगी क्षेत्र में पत्नी और सौतेली बेटी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार यादव की अदालत ने आरोपी रामजी भूमिया को दोहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए मृत्युदंड और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार, बसंत नगर निवासी रामजी भूमिया ने लगभग 12 वर्ष पहले राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो से विवाह किया था। राधा का पहले पति से अलगाव हो चुका था और उसके तीन बच्चे थे। विवाह के बाद वह अपने बेटे आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान और बेटी महक के साथ रामजी के घर रहने लगी थी।
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घटना 6 जून 2025 की रात की है। करीब नौ बजे रामजी घर पहुंचा और किसी पारिवारिक बात को लेकर पत्नी से विवाद करने लगा। झगड़े के दौरान राधा की बेटी ने अपने भाई आशीष को फोन कर सूचना दी। आशीष मौके पर पहुंचा और दोनों को समझाकर वापस लौट गया। कुछ देर बाद घर से चीख-पुकार की आवाज सुनकर वह दोबारा पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी मां और बहन महक खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि रामजी हाथ में बका लिए खड़ा था। उसे देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
हमले में राधा के सिर, गले, कान और बांह पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि महक के सिर पर गहरा वार किया गया था। दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राधा को मृत घोषित कर दिया। महक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद बरगी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दोहरे हत्याकांड का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रामजी भूमिया को पत्नी और सौतेली बेटी की हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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अभियोजन के अनुसार, बसंत नगर निवासी रामजी भूमिया ने लगभग 12 वर्ष पहले राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो से विवाह किया था। राधा का पहले पति से अलगाव हो चुका था और उसके तीन बच्चे थे। विवाह के बाद वह अपने बेटे आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान और बेटी महक के साथ रामजी के घर रहने लगी थी।
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घटना 6 जून 2025 की रात की है। करीब नौ बजे रामजी घर पहुंचा और किसी पारिवारिक बात को लेकर पत्नी से विवाद करने लगा। झगड़े के दौरान राधा की बेटी ने अपने भाई आशीष को फोन कर सूचना दी। आशीष मौके पर पहुंचा और दोनों को समझाकर वापस लौट गया। कुछ देर बाद घर से चीख-पुकार की आवाज सुनकर वह दोबारा पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी मां और बहन महक खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि रामजी हाथ में बका लिए खड़ा था। उसे देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
हमले में राधा के सिर, गले, कान और बांह पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि महक के सिर पर गहरा वार किया गया था। दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राधा को मृत घोषित कर दिया। महक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद बरगी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दोहरे हत्याकांड का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रामजी भूमिया को पत्नी और सौतेली बेटी की हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
