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MP News: बिहार से महाराष्ट्र जा रहे थे 167 मासूम, प्रशासन ने कटनी रेलवे स्टेशन पर उतारा, जानें मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:36 PM IST
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सार
कटनी स्टेशन पर पटना-पुणे एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चों को उतारने के बाद हड़कंप मच गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
कटनी रेलवे स्टेशन पर 167 नाबालिग उतारे, जांच जारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पटना-पुणे एक्सप्रेस से महाराष्ट्र के लातूर जा रहे 167 नाबालिग मासूमों को कटनी रेलवे स्टेशन पर एक साथ उतार लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, महिला एवं बाल विकास विभाग और रेलवे के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और सभी बच्चों को अपनी निगरानी में लिया।
जानकारी के अनुसार ट्रेन से उतारे गए अधिकांश बच्चे बिहार के अररिया जिले के बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बच्चों को एक मदरसे में ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने कटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को ट्रेन से उतार लिया।
बच्चों के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उन्हें किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था। मामले को लेकर आरपीएफ और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें: Mandla News: दशगात्र के भोज के बाद बिगड़ी 60 से अधिक लोगों की तबीयत, फूड पॉइजनिंग की आशंका
सुरक्षा के मद्देनजर सभी बच्चों को आरपीएफ थाने लाया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम भी लगातार बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस पूरे ऑपरेशन में महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम, बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी और दुर्गेश शर्मा के नेतृत्व में मौके पर मौजूद रही। वहीं आरपीएफ और जीआरपी के करीब 27 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित उतारा गया है। फिलहाल उनके दस्तावेजों और अभिभावकों की जानकारी की जांच की जा रही है। बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके साथ किसी प्रकार की अनियमितता न हो। प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की मानव तस्करी जैसी आशंका को समय रहते रोका जा सके।
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जानकारी के अनुसार ट्रेन से उतारे गए अधिकांश बच्चे बिहार के अररिया जिले के बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बच्चों को एक मदरसे में ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने कटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को ट्रेन से उतार लिया।
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बच्चों के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उन्हें किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था। मामले को लेकर आरपीएफ और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
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सुरक्षा के मद्देनजर सभी बच्चों को आरपीएफ थाने लाया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम भी लगातार बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस पूरे ऑपरेशन में महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम, बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी और दुर्गेश शर्मा के नेतृत्व में मौके पर मौजूद रही। वहीं आरपीएफ और जीआरपी के करीब 27 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित उतारा गया है। फिलहाल उनके दस्तावेजों और अभिभावकों की जानकारी की जांच की जा रही है। बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके साथ किसी प्रकार की अनियमितता न हो। प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की मानव तस्करी जैसी आशंका को समय रहते रोका जा सके।

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