गुरुपूर्णिमा: श्री दादाजी दरबार में दर्शन करने उमड़े लाखों भक्त, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, पग-पग पर चल रहे भंडारे
खंडवा के श्री दादाजी धूनीवाले धाम में तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। अखंड धूनी, महाअभिषेक, 121 दीपों की आरती और विशाल हवन मुख्य आकर्षण हैं। 200 से अधिक भंडार, नि:शुल्क परिवहन और 1200 सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।
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भारतीय सनातन परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इसी परंपरा का जीवंत स्वरूप इन दिनों मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री दादाजी धूनीवाले धाम में देखने को मिल रहा है। तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु दादाजी धूनीवाले की समाधि पर दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में भक्त सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर नंगे पांव हाथों में ध्वज-निशान लेकर धाम पहुंचे हैं। यह परंपरा वर्ष 1930 से लगातार चली आ रही है।
दादाजी धूनीवाले के नाम से प्रसिद्ध संत केशवानंद जी महाराज ने वर्ष 1930 में खंडवा स्थित आश्रम में निर्वाण प्राप्त किया था। तभी से गुरु पूर्णिमा पर उनके शिष्य और अनुयायी देशभर से यहां पहुंचकर समाधि पर माथा टेकते हैं। आश्रम में दर्शन का सिलसिला चौबीसों घंटे जारी रहता है। सेवा के समय को छोड़कर यहां किसी भी समय श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। धाम में परंपरा के अनुसार गुरु पूर्णिमा का उत्सव एक दिन पहले से शुरू हो जाता है और तीन दिनों तक चलता है।
अखंड धूनी बनी आस्था का केंद्र
आश्रम परिसर में स्थित अखंड धूनी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है। बताया जाता है कि दादाजी के प्रमुख शिष्य हरिहर भोले भगवान, जिन्हें छोटे दादाजी के नाम से जाना जाता है, ने आश्रम की व्यवस्थाएं और परंपराएं स्थापित की थीं। उनके बनाए नियमों का आज भी पालन किया जा रहा है। लगभग एक शताब्दी से प्रज्वलित यह धूनी नर्मदा स्वरूप मानी जाती है, जिसमें श्रद्धालु हवन कर स्वयं को धन्य मानते हैं।
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200 से अधिक भंडारों में निशुल्क प्रसादी
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान पूरे खंडवा शहर में सेवा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। शहर में 200 से अधिक स्थानों पर निशुल्क भंडारों का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओं को दाल-बाफले, चूरमा, पूरी-सब्जी, पोहा, जलेबी, इमरती, आलूबड़ा, भजिया, खिचड़ी, हलवा और मालपुआ सहित विभिन्न प्रकार की प्रसादी वितरित की जा रही है। रेलवे स्टेशन से धाम तक श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क परिवहन की व्यवस्था भी की गई है।
1200 सेवादार संभाल रहे व्यवस्थाएं
महोत्सव के सफल संचालन के लिए ट्रस्ट ने विभिन्न समितियों का गठन किया है। करीब 1200 सेवादार चौबीसों घंटे भोजन, दर्शन, चिकित्सा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा पूरे शहर में पुलिस बल तैनात किया गया है।
महाअभिषेक और दीपमालिका होगी आकर्षण का केंद्र
गुरु पूर्णिमा के मुख्य दिवस पर दोनों समाधियों का दूध, दही, घी, शक्कर तथा गंगा और नर्मदा जल से अभिषेक किया जाएगा। रात्रि 8 बजे 121 दीपों की भव्य महाआरती होगी तथा विशाल हवन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के दौरान लाखों सूखे नारियल और हवन सामग्री धूनी माता को समर्पित किए जाने की संभावना है। मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु इस महोत्सव में शामिल होने खंडवा पहुंचे हैं।

श्री दादाजी दरबार दर्शन करने उमड़े लाखों भक्त।

भक्तों के सैलाब से सड़कें पट गईं।

भक्तों के उत्साह को दिखाता ड्रोन चित्र
