MP: मोरटक्का सिक्सलेन पुल का एनएचएआई ने किया निरीक्षण, अगले माह दूसरी लेन शुरू होने की उम्मीद
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एन. एल. यवतकर ने इंदौर-एदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और मोरटक्का सिक्सलेन पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। दूसरी लेन अगले माह शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने गुणवत्ता से समझौता किए बिना परियोजना जल्द पूरी करने का भरोसा दिया।
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इंदौर-एदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) एन. एल. यवतकर निरीक्षण पर पहुंचे। इंदौर से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान उन्होंने मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन सिक्सलेन पुल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान आरओ यवतकर ने उस लेन का अवलोकन किया, जिस पर वर्तमान में यातायात संचालित हो रहा है। मौके पर मौजूद एनएचएआई अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने उन्हें पुल की तकनीकी स्थिति, शेष कार्य और आगामी चरणों की जानकारी दी। करीब 15 मिनट तक पुल पर रुककर उन्होंने दूसरी लेन के निर्माण की समीक्षा की और पूछा कि इसे यातायात के लिए कब तक खोला जा सकेगा।
निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि दूसरी लेन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले माह इसे भी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। दूसरी लेन शुरू होने से इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
निरीक्षण के दौरान बलवाड़ा से धनगांव तक निर्माण कार्य में हो रही देरी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लगातार हो रहे सड़क हादसों का मुद्दा भी उठा। इस पर आरओ एन. एल. यवतकर ने कहा कि वह हाल ही में इस पद पर पदस्थ हुए हैं और परियोजना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की पहली प्राथमिकता पूरे मार्ग पर जल्द से जल्द निर्बाध यातायात शुरू कराना है, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि जल्दबाजी में काम पूरा करने के बजाय उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजना को पूर्ण करना अधिक महत्वपूर्ण है।
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गौरतलब है कि बलवाड़ा से धनगांव तक के इस महत्वपूर्ण हिस्से का मूल ठेका जीएचवी कंपनी के पास है। कंपनी ने निर्माण कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से केदारेश्वर कंपनी को सौंप रखा है। समय-सीमा में कई बार विस्तार मिलने के बावजूद इस हिस्से में कई पुल, पुलिया और ओवरब्रिज का निर्माण अब भी अधूरा है, जिसके कारण परियोजना निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी है।
फिलहाल इस मार्ग पर सर्विस रोड के जरिए यातायात संचालित किया जा रहा है, जबकि मुख्य हाईवे अभी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। इसका असर यह है कि इंदौर-खंडवा मार्ग का अधिकांश भारी यातायात आज भी बड़वाह और सनावद के पुराने शहरी मार्गों से होकर गुजर रहा है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने एनएचएआई से मांग की है कि जिन हिस्सों का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र यातायात के लिए शुरू किया जाए। साथ ही शेष कार्य भी तय समय-सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि इंदौर-खंडवा मार्ग पर यातायात सुगम हो सके और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
