फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mahakal Bhasma Arti: Devotees began Shravan with darshan of Baba, Mahakal woke an hour earlier

Mahakal Bhasma Arti: बाबा के दर्शनों से भक्तों ने की श्रावण की शुरुआत, एक घंटा पहले जागे महाकाल; फिर रमाई भस्म

Thu, 30 Jul 2026 06:01 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 30 Jul 2026 06:01 AM IST
सार

श्रावण मास के पहले दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में नई दर्शन व्यवस्था लागू हुई। मंदिर के पट रात 3 बजे खुले और विशेष पूजन के बाद भस्म आरती संपन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। चलित भस्म आरती की विशेष व्यवस्था रही। आरतियों और दर्शन के समय में भी बदलाव किया गया।

विज्ञापन
Mahakal Bhasma Arti: Devotees began Shravan with darshan of Baba, Mahakal woke an hour earlier
बाबा श्री महाकाल की भस्म आरती संपन्न। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और आरती की व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया। बुधवार तड़के पहली बार बाबा महाकाल ने निर्धारित समय से एक घंटा पहले भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर के पट रात 3 बजे खोले गए और इसके बाद विशेष पूजन के साथ भस्म आरती संपन्न हुई।

विज्ञापन



महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर वीरभद्र भगवान से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के चांदी के द्वार खोले गए। इसके पश्चात गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन किया गया।
विज्ञापन


पंचामृत से हुआ जलाभिषेक
बाबा महाकाल का जलाभिषेक जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। इसके बाद प्रथम घंटानाद के साथ 'हरि ओम' का जल अर्पित किया गया। पुजारियों ने भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट और मुंडमाला धारण कराई गई। इसके पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। श्रावण मास के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में 'जय श्री महाकाल' के जयघोष गूंजते रहे। विशेष महाआरती के दौरान देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन



ये भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा पर भस्म आरती में भांग से सजे बाबा महाकाल, मस्तक पर सूर्य, चंद्रमा से किया दिव्य श्रृंगार

हजारों श्रद्धालुओं ने देखी चलित भस्म आरती
सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 1,800 श्रद्धालुओं को ही भस्म आरती के प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर मिल पाता है। लेकिन श्रावण मास में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने चलित भस्म आरती की विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत नंदी हॉल और गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं को बैठकर भस्म आरती देखने की सुविधा दी गई, जबकि कार्तिक मंडपम से चलित भस्म आरती के दर्शन कराए गए। इस व्यवस्था का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने उठाया।


दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें
श्रावण मास के पहले दिन तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गई थीं। भक्तों ने धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन के अनुसार अब बाल भोग आरती, भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती के दौरान भी श्रद्धालु चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।

रात 3 बजे जागे बाबा महाकाल
पंडित महेश शर्मा ने बताया कि श्रावण मास से पहले तक बाबा महाकाल की भस्म आरती सुबह 4 बजे शुरू होती थी, लेकिन अब श्रावण मास में मंदिर के पट रात 3 बजे खोले जा रहे हैं। इसके बाद रात 3 बजे से सुबह 5 बजे तक भस्म आरती संपन्न हो रही है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और आरती का लाभ प्राप्त कर सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed