Maihar News: मां शारदा मंदिर समिति पर करोड़ों की बकाया राशि, 7.94 करोड़ की वसूली अटकी
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मां शारदा देवी मंदिर की व्यवस्थाओं और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। मंदिर प्रबंध समिति के रिकॉर्ड में अप्रैल 2026 तक विभिन्न मदों में करीब 7 करोड़ 94 लाख 45 हजार 478 रुपए की बकाया राशि दर्ज पाई गई है। यह राशि वर्ष 2018 से अब तक की बताई जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह बकाया केवल एक-दो मदों तक सीमित नहीं है, बल्कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, प्रसाद वितरण, वाहन पार्किंग, यात्री निवास, कैंटीन, फोटोग्राफी, सामान गृह और सुलभ शौचालय जैसे कई ठेकों और व्यावसायिक गतिविधियों में करोड़ों रुपए फंसे हुए हैं। कई ठेकेदारों ने आंशिक भुगतान तो किया, लेकिन वर्षों बाद भी पूरी राशि जमा नहीं कराई गई।
शुक्रवार को कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष विदिशा मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लंबित किराया वसूली, यात्री सुविधाओं और मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। बैठक में बकाया वसूली तेज करने और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में सबसे ज्यादा बकाया
समिति के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक करीब दो करोड़ 52 लाख रुपये की राशि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से वसूली जाना बाकी है। इसके अलावा प्रसाद और अन्य व्यावसायिक मदों में भी लाखों रुपए का प्रीमियम और मासिक किराया लंबित है। दस्तावेजों के अनुसार मंदिर समिति की आय का बड़ा हिस्सा दुकानों, ठेकों और किरायों से आता है, लेकिन वसूली की प्रक्रिया काफी धीमी रही। कुछ मामलों में तो नई टेंडर प्रक्रिया तक बकाया राशि जमा नहीं हो सकी, जिससे मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। महिला और पुरुष सुलभ शौचालय, फोटोग्राफी संचालन और अन्य सेवाओं के ठेकों में भी लाखों रुपए की देनदारी सामने आई है।
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शिविर लगाकर होगी वसूली
समिति प्रशासन ने 18 मई से 23 मई तक विशेष वसूली शिविर लगाने का निर्णय लिया है। इन शिविरों में दुकानदारों और ठेकेदारों से बकाया राशि जमा कराई जाएगी। जो ठेकेदार ठेका अवधि पूरी होने के बाद चले गए हैं, उन्हें आरसीसी नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया के जरिए राशि वसूलने की तैयारी की जा रही है। साथ ही दुकानों के नामांतरण और राजस्व संबंधी लंबित मामलों का भी मौके पर निराकरण किया जाएगा, ताकि भविष्य में किराया वसूली में कोई बाधा न आए।
इन मदों में लाखों की देनदारी
बंधा वाहन पार्किंग ठेका – 25.27 लाख रुपए दैनिक वाहन पार्किंग मद – 58.38 लाख रुपए यात्री निवास क्रमांक-2 – 99.97 लाख रुपए यात्री निवास कैंटीन – 63.89 लाख रुपए शामिल है।
एसडीएम दिव्या पटेल ने दी जानकारी
दिव्या पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये बकाया हैं। वर्तमान में संचालित दुकानों और ठेकों पर करीब 4 करोड़ 34 लाख रुपये की देनदारी है, जबकि जिन ठेकेदारों की अवधि समाप्त हो चुकी है और जो अब संचालन नहीं कर रहे, उन पर लगभग 3 करोड़ 59 लाख रुपए बकाया हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जो अब संचालन में नहीं हैं लेकिन भुगतान बाकी है। वसूली शिविरों के साथ-साथ आरसीसी नोटिस जारी कर राशि की रिकवरी की जाएगी।
समय पर भुगतान करने वालों को मिलेगी सुविधा
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने बताया कि मंदिर समिति नियमित रूप से किराया जमा करने वाले दुकानदारों को प्रोत्साहन देगी। ऐसे दुकानों और कॉम्प्लेक्स के आसपास सड़क, सफाई और अन्य जनसुविधाओं का विकास कराया जाएगा, ताकि समय पर भुगतान करने वाले व्यापारियों को बेहतर व्यवस्थाएं मिले।

मां शारदा का मंदिर

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