MP: सुसाइड नोट ने खोली सच्चाई? पुलिस प्रताड़ना के आरोपों के बीच युवक की आत्महत्या से मचा हड़कंप; अब आगे क्या?
मैहर में पुलिस की कथित प्रताड़ना से आहत युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने सुसाइड नोट और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एक पुलिसकर्मी सहित चार लोगों पर ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाया।
विस्तार
मैहर क्षेत्र से पुलिस की कथित प्रताड़ना से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पुलिस कार्रवाई से आहत एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उसने एक पुलिसकर्मी सहित चार लोगों पर ब्लैकमेलिंग, झूठे मामलों में फंसाने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
आत्महत्या से पहले फेसबुक पर पोस्ट किया सुसाइड नोट और वीडियो
मृतक युवक की पहचान अनंतराम पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले अनंतराम पटेल ने फेसबुक स्टेटस के माध्यम से अपना चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो सार्वजनिक किया। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था और इसी कारण यह कदम उठाने को मजबूर हुआ।
ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपये वसूलने का आरोप
सुसाइड नोट में मृतक ने आरोप लगाया है कि चार लोगों ने मिलकर उसे ब्लैकमेल किया और झूठे आपराधिक मामलों में फँसाने की धमकी दी। आरोप है कि इन लोगों ने उससे करीब 5 लाख रुपये की अवैध वसूली की। मृतक का कहना है कि जब उसने इसकी शिकायत करने की कोशिश की, तो उल्टा उसे ही और अधिक परेशान किया गया।
अमरपाटन थाने के पुलिसकर्मी पर प्रताड़ना का आरोप
अनंतराम पटेल ने अपने सुसाइड नोट में अमरपाटन थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी पर सीधे तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक ने न केवल उस पुलिसकर्मी का नाम, बल्कि उसका मोबाइल नंबर भी सुसाइड नोट में लिखा है। उसने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
देर रात थाने ले जाने का आरोप, सुबह पेड़ पर लटका मिला शव
परिजनों के अनुसार, घटना से एक रात पहले पुलिस अनंतराम पटेल को अपने साथ थाने लेकर गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगली सुबह उसका शव सड़क किनारे स्थित कदम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों का हंगामा
शव मिलने की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। सुसाइड नोट, वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
सुसाइड नोट और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप कितने तथ्यात्मक हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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