शहडोल में साथ निकली डोली और अर्थी: विदाई की रस्म के बीच दूल्हे के पिता की मौत, दुल्हन रोते हुए ससुराल पहुंची
Shahdol: बराती और घराती दोनों के घर वाले हंसी से नाच और झूम रहे थे, लेकिन इस बीच अचानक नाचते-थिरकते दूल्हे का पिता अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
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घर में रातभर शादी की रस्में चलीं और सुबह विदाई की तैयारियां शुरू हो गईं। आदिवासी परंपरा के अनुसार विदाई से पहले हल्दी की रस्म निभाई जा रही थी। बराती और घराती खुशी में नाच-गाकर जश्न मना रहे थे, लेकिन इसी बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। नाचते-थिरकते दूल्हे के पिता अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस तरह जिस घर से नई नवेली दुल्हन की डोली उठनी थी, वहीं से ससुर की अर्थी भी साथ उठी, जिससे पूरे माहौल में मातम छा गया।
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यह हृदयविदारक घटना शहडोल के गोहपारू थाना क्षेत्र के ग्राम पहलवा की है। यहां ग्राम पहलवा निवासी रीना सिंह (23) की शादी के लिए जयसिंहनगर के ग्राम गजनी से धरमदास परस्ते (50) अपने पुत्र हरीश सिंह की बारात लेकर पहुंचे थे। रात में सभी वैवाहिक रस्में पूरी हुईं। सुबह विदाई से पहले हल्दी-पानी की रस्म के दौरान दूल्हे के पिता बारातियों के साथ नाच रहे थे। इसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल गोहपारू अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मंजर देख हर किसी की आंखें नम
अस्पताल से जैसे ही मौत की खबर घर पहुंची, शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। दूल्हा खुद असमंजस में था कि वह एक साथ पत्नी की डोली और पिता के शव को कैसे लेकर जाए। लोगों ने हिम्मत बंधाई, जिसके बाद शव को जयसिंहनगर के ग्राम गजनी ले जाया गया। नई नवेली दुल्हन भी ससुर के शव के साथ रोते हुए ससुराल पहुंची। इस घटना से दोनों गांवों में शोक की लहर फैल गई। दूल्हे के पिता की अर्थी के साथ दुल्हन की डोली निकलने का मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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