{"_id":"68875dca1225fb3fc00ebb61","slug":"due-to-heavy-rains-in-mandsaur-rivers-and-streams-are-in-spate-water-entered-peoples-homes-traffic-disrupted-mandsaur-news-c-1-1-noi1351-3219274-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandasaur News: मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी, स्कूल की दीवारें गिरीं; प्रशासन अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandasaur News: मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी, स्कूल की दीवारें गिरीं; प्रशासन अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: मंदसौर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jul 2025 06:26 PM IST
विज्ञापन
सार
Mandasaur News: मंदसौर जिले में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। जिले के भानपुरा में मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया। वहीं, गांधीसागर क्षेत्र में भूस्खलन होने से आवागमन बाधित हो गया।
मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मंदसौर जिले में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही, जिससे शिवना और रीवा जैसी प्रमुख नदियों के साथ-साथ कई छोटे-बड़े नाले उफान पर आ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां घरों में पानी भर गया, वहीं शहरी इलाकों में भी कई रास्ते बंद हो गए हैं। भानपुरा क्षेत्र सहित कई गांव जलभराव से प्रभावित हुए हैं।
Trending Videos
कालाभाटा डेम और रामघाट बांध से बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण शिवना नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के चलते कालाभाटा डेम के दो गेट खोलने पड़े, जबकि रामघाट बांध पर 14 फीट ऊपर से पानी बह रहा है। बिल्लौद की पुलिया पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे कई गांवों का आपसी संपर्क टूट गया है और ग्रामीण क्षेत्र में आवाजाही बाधित हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Umaria: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; बाघ के जबड़े, नाखून और दांत बरामद
भानपुरा में घुसा पानी, लोग घर छोड़ने को मजबूर
भानपुरा के ग्राम ओसारा और संधारा जैसे क्षेत्रों में रविवार और सोमवार की रात हुई भारी बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया। कई लोगों को रातभर अपने सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटकना पड़ा। रेवा नदी पर बनी पुलिया भी जलमग्न हो चुकी है। इन हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और आमजन से जलभराव व नदियों के पास न जाने की अपील की है।
बड़ा महादेव मंदिर का झरना बना खतरे का कारण
भानपुरा स्थित बड़ा महादेव मंदिर का झरना भारी जलप्रवाह के कारण रौद्र रूप में नजर आ रहा है। यह झरना, जो कि बीते 3000 वर्षों से शिवलिंग का प्राकृतिक अभिषेक करता रहा है, इन दिनों अत्यधिक वेग से बह रहा है। इसके बावजूद लोग जोखिम लेकर यहां सेल्फी और वीडियो बनाने में जुटे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्कूल भवन गिरा, गनीमत से बची जनहानि
बारिश का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। सोमवार सुबह ग्राम बोलिया के एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय की जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई। इसके कुछ देर बाद कन्याशाला भवन की दीवार भी ढह गई। यह स्कूल स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित है और रास्ता आमजनों के आवागमन में आता है। गनीमत यह रही कि घटना सुबह हुई, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्कूल के लैब और अन्य कमरे भी जर्जर हैं, जिन्हें समय रहते नहीं हटाया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
यह भी पढ़ें- Sehore: गिरती छतें, झड़ता प्लास्टर और बाहर झांकते सरिए, 200 जर्जर स्कूल मौत के मुहाने पर; डर के साए में बच्चे
रामपुरा-भानपुरा मार्ग पर भूस्खलन, रातभर चला राहत कार्य
रामपुरा-भानपुरा मार्ग पर स्थित पहाड़ी क्षेत्र में रविवार और सोमवार की रात भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। रात दो बजे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर छोटे वाहनों का आवागमन बहाल किया गया। फिलहाल भारी वाहनों पर रोक लगी हुई है।
अब तक 15 इंच से अधिक बारिश, गांधीसागर का जलस्तर बढ़ा
जिले में अब तक 15.028 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। गांधीसागर बांध का जलस्तर 1290 फीट तक पहुंच गया है, जिससे जल संसाधन विभाग सतर्क हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी है। मानसून द्रोणिका रेखा और हरियाणा के ऊपर चक्रवातीय दबाव क्षेत्र सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

कमेंट
कमेंट X