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Mandsaur: पशुपतिनाथ मंदिर में आज क्यों मनाया गया स्वतंत्रता दिवस?, शाही पालकी-सवारी को लेकर हुई बैठक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: मंदसौर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 08:09 PM IST
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सार
मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में हिंदू पंचांग अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। बाबा का दूर्वा जल से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। अब 28 जुलाई को पालकी और 4 अगस्त को शाही सवारी निकलेगी।
भगवान पशुपतिनाथ का स्वतंत्रता दिवस पर किया गया दूर्वा अभिषेक
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विस्तार
भारतीय पंचांग अनुसार बुधवार को भगवान पशुपतिनाथ का दूर्वा अभिषेक कर स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया गया। इस दौरान विद्वान आचार्यों द्वारा भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना भी की गई। साथ ही, आगामी दिनों में निकलने वाली शाही पालकी और शाही सवारी को लेकर पशुपतिनाथ मंदिर कार्यालय में कलेक्टर व एसपी की मौजूदगी में बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई।
मंदसौर में शिवना नदी के किनारे स्थित अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। वैसे तो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है, लेकिन पशुपतिनाथ मंदिर में हिंदू पंचांग के आधार पर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दौरान बाबा का दूर्वा के जल से अभिषेक करने के साथ दूर्वा से मनोहारी श्रृंगार किया गया। सावन माह में इस श्रृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचे।
पशुपतिनाथ मंदिर के पुरोहितों और यजमानों की संस्था ज्योतिष और कर्मकांड परिषद की ओर से यह अनूठी परंपरा वर्ष 1985 से, यानी 39 वर्षों से मनाई जा रही है। 15 अगस्त 1947 को हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। इस बार सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी बुधवार को थी, इसलिए परंपरा अनुसार मंदिर में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस दौरान पुरोहितों द्वारा अष्टमुखी शिवलिंग का विशेष श्रृंगार कर पूजा की गई। संस्था के अनुसार संपूर्ण भारत में केवल पशुपतिनाथ मंदिर में ही हिंदू पंचांग के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
समाजसेवी रविंद्र पांडेय ने बताया कि ज्योतिष एवं कर्मकांड परिषद के पं. उमेश जोशी, पं. मनोहरलाल शर्मा, पं. विशाल जोशी, चंद्रशेखर चौधरी और आशीष चौधरी सहित सभी सदस्यों ने श्रद्धा से पूजा-अर्चना की। बुधवार को चंद्रशेखर आजाद की जयंती भी थी। दोनों पुण्य अवसरों पर मंदिर में विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने भगवान को सलामी दी।
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शाही पालकी और शाही सवारी को लेकर बैठक
भगवान पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति कार्यालय में कलेक्टर अदिति गर्ग की अध्यक्षता में शाही सवारी और पालकी यात्रा समिति तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर अदिति गर्ग ने बैठक में कहा कि शाही सवारी और पालकी यात्रा को लेकर सभी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं, जिसे मार्ग पर किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कानून व्यवस्था रहेगी चाकचौबंद
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि पालकी यात्रा एवं शाही सवारी के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रखी जाए और आमजन आसानी से भगवान के दर्शन-पूजन कर सकें। उन्होंने आयोजन मंडलों से भी व्यवस्था में सहयोग करने का आह्वान किया।
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28 जुलाई को निकलेगी पालकी यात्रा
शयन काली आरती मंडल के प्रमुख राजेश राव ने बताया कि 28 जुलाई को भगवान पशुपतिनाथ की शाही पालकी यात्रा निकाली जाएगी। प्रातः कालीन आरती मंडल के अध्यक्ष पं. दिलीप शर्मा ने बताया कि राजसी शाही सवारी 4 अगस्त सोमवार को मंदसौर नगर में निकाली जाएगी। इससे पूर्व 3 अगस्त को वाहन रैली भी निकाली जाएगी।
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पालकी व शाही सवारी मार्ग का किया निरीक्षण
बैठक के पश्चात पशुपतिनाथ मंदिर से शाही सवारी एवं पालकी यात्रा मार्ग का प्रशासनिक अधिकारियों ने अवलोकन कर दिशा-निर्देश दिए। नगर पालिका को नगर में साफ-सफाई व्यवस्थित करने, मार्ग के गड्ढे बंद करने एवं आवारा पशुओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं, विद्युत मंडल को लटकते हुए बिजली के तारों को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
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मंदसौर में शिवना नदी के किनारे स्थित अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। वैसे तो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है, लेकिन पशुपतिनाथ मंदिर में हिंदू पंचांग के आधार पर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दौरान बाबा का दूर्वा के जल से अभिषेक करने के साथ दूर्वा से मनोहारी श्रृंगार किया गया। सावन माह में इस श्रृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचे।
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पशुपतिनाथ मंदिर के पुरोहितों और यजमानों की संस्था ज्योतिष और कर्मकांड परिषद की ओर से यह अनूठी परंपरा वर्ष 1985 से, यानी 39 वर्षों से मनाई जा रही है। 15 अगस्त 1947 को हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। इस बार सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी बुधवार को थी, इसलिए परंपरा अनुसार मंदिर में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस दौरान पुरोहितों द्वारा अष्टमुखी शिवलिंग का विशेष श्रृंगार कर पूजा की गई। संस्था के अनुसार संपूर्ण भारत में केवल पशुपतिनाथ मंदिर में ही हिंदू पंचांग के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
समाजसेवी रविंद्र पांडेय ने बताया कि ज्योतिष एवं कर्मकांड परिषद के पं. उमेश जोशी, पं. मनोहरलाल शर्मा, पं. विशाल जोशी, चंद्रशेखर चौधरी और आशीष चौधरी सहित सभी सदस्यों ने श्रद्धा से पूजा-अर्चना की। बुधवार को चंद्रशेखर आजाद की जयंती भी थी। दोनों पुण्य अवसरों पर मंदिर में विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने भगवान को सलामी दी।
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शाही पालकी और शाही सवारी को लेकर बैठक
भगवान पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति कार्यालय में कलेक्टर अदिति गर्ग की अध्यक्षता में शाही सवारी और पालकी यात्रा समिति तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर अदिति गर्ग ने बैठक में कहा कि शाही सवारी और पालकी यात्रा को लेकर सभी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं, जिसे मार्ग पर किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कानून व्यवस्था रहेगी चाकचौबंद
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि पालकी यात्रा एवं शाही सवारी के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रखी जाए और आमजन आसानी से भगवान के दर्शन-पूजन कर सकें। उन्होंने आयोजन मंडलों से भी व्यवस्था में सहयोग करने का आह्वान किया।
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28 जुलाई को निकलेगी पालकी यात्रा
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पालकी व शाही सवारी मार्ग का किया निरीक्षण
बैठक के पश्चात पशुपतिनाथ मंदिर से शाही सवारी एवं पालकी यात्रा मार्ग का प्रशासनिक अधिकारियों ने अवलोकन कर दिशा-निर्देश दिए। नगर पालिका को नगर में साफ-सफाई व्यवस्थित करने, मार्ग के गड्ढे बंद करने एवं आवारा पशुओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं, विद्युत मंडल को लटकते हुए बिजली के तारों को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।


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