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Mandsaur: खेत पर ट्रैक्टर चलाते समय कुएं में गिरा किसान, छह घंटे चले रेस्क्यू के बाद निकाला जा सका शव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 08 Dec 2024 04:09 PM IST
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सार
मंदसौर जिले के ग्राम टिड़वास में किसान बंशीलाल हंकाई करते समय ट्रैक्टर सहित बिना मुंडेर के कुएं में गिर गया। घटना के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ, जिसमें ट्रैक्टर को 6 घंटे बाद बाहर निकाला गया। बाद में किसान का शव निकाला गया।
मंदसौर में किसान को बचाने की कवायद देर रात तक चलती रही
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम टिड़वास में शनिवार शाम हादसा हो गया। खेत पर हंकाई कर रहे 50 वर्षीय किसान बंशीलाल पिता भंवरलाल विश्वकर्मा का ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर बिना मुंडेर वाले कुएं में जा गिरा। लगभग छह घंटे के बचाव कार्य का कोई फायदा नहीं हुआ। किसान को बचाया नहीं जा सका।
बता दें कि हादसा शाम 4.30 बजे हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण, परिजन और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। शाम 6 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। ट्रैक्टर और किसान को बाहर निकालने के लिए जेसीबी और दो क्रेन का सहारा लिया गया। कुएं की गहराई अधिक होने और पानी भरा होने से अभियान में काफी दिक्कतें आईं। कुएं का पानी खाली करने के लिए सात विद्युत मोटर लगाई गईं। रात 12 बजे ट्रैक्टर को बाहर निकाला गया। अब भी उम्मीद थी किसान को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा, लेकिन थोड़ी देर बाद ये उम्मीद टूट गई, जब किसान का शव बाहर निकाला गया।
परिजनों की हालत खराब
घटना के बाद से किसान के बेटों नागेश्वर और मुकेश समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बिना मुंडेर के कुएं की समस्या और किसानों के लिए सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान में हर संभव प्रयास किए, लेकिन घटना ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए।
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बता दें कि हादसा शाम 4.30 बजे हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण, परिजन और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। शाम 6 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। ट्रैक्टर और किसान को बाहर निकालने के लिए जेसीबी और दो क्रेन का सहारा लिया गया। कुएं की गहराई अधिक होने और पानी भरा होने से अभियान में काफी दिक्कतें आईं। कुएं का पानी खाली करने के लिए सात विद्युत मोटर लगाई गईं। रात 12 बजे ट्रैक्टर को बाहर निकाला गया। अब भी उम्मीद थी किसान को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा, लेकिन थोड़ी देर बाद ये उम्मीद टूट गई, जब किसान का शव बाहर निकाला गया।
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परिजनों की हालत खराब
घटना के बाद से किसान के बेटों नागेश्वर और मुकेश समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बिना मुंडेर के कुएं की समस्या और किसानों के लिए सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान में हर संभव प्रयास किए, लेकिन घटना ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए।

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