Mandsaur News: दिल्ली से आई टीम जीबीएस बीमारी को लेकर मुल्तानपुरा में किया निरीक्षण, अब तक आठ मरीज मिले
GBS Disease : मंदसौर जिले के ग्राम मुल्तानपुरा में जानलेवा जीबीएस बीमारी के मरीज मिलने के बाद मंगलवार को दिल्ली से आई WHO की सात सदस्यीय टीम ने मुल्तानपुरा क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने बीमारी से पीड़ित परिवारों की स्क्रीनिंग कर रक्त के नमूने भी लिए।
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GBS disease In Mandsaur MP : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में जीबीएस बीमारी को लेकर अब तक स्वास्थ्य अमला लगा हुआ था। लेकिन अब दिल्ली से एक सात सदस्यीय टीम मंदसौर आई है। टीम ने मंगलवार को मुल्तानपुरा क्षेत्र का दौरा किया और जानकारी ली। इसके पूर्व दिल्ली से आई टीम ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ बैठक कर अब तक जितने जीबीएस बीमारी से पीड़ित मरीज मिले है। इनकी हिस्ट्री की जानकारी ली। वहीं 18 वर्षीय युवती की मौत के कारणों के बारे में भी पूछा। बीमारी का प्रमुख केंद्र मुल्तानुपरा में अब तक विभाग ने किस तरह का सर्वे किया। क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई। विस्तृत जानकारी ली गई है।
टीम ने डोर टू डोर जाकर जानकारी ली- सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. गोविंद चौहान ने बताया कि दिल्ली से डॉ. मेजर नवीर छारंग एडिशनल डायरेक्टर एमसीडी के नेतृत्व में केंद्र और स्टेट का सात सदस्यीय दल मंदसौर आया है। टीम ने जीबीएस प्रभावित क्षेत्र मुल्तानपुरा का दौरा किया। टीम में शामिल सदस्यों ने डोर टू डोर जाकर जानकारी एकत्र की और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की। सीएमएचओ गोविंद सिंह चौहान के अनुसार, पिछले 15 दिनों से गांव में सर्वे जारी है। 8331 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 56 लोगों को निगरानी में रखा गया था। इनमें से 20 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 36 लोग अभी भी निगरानी में हैं। इन्हें दस्त, सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण हैं। WHO, राज्य और केंद्र की टीमों ने मरीजों के घरों से खाद्य सामग्री और रक्त के नमूने एकत्र किए हैं। गांव में पसरी गंदगी, सड़क किनारे पड़े कचरे के ढेरों को बीमारी की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
मुल्तानपुरा में 8 लोग गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से संक्रमित
मंदसौर शहर से लगे गांव मुल्तानपुरा में 8 लोग गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से संक्रमित हुए है। इनकी उम्र 2 वर्ष से 21 साल है। इस बीमारी से गांव के तीन लोग रिकवर हो चुके है वहीं तीन लोग अब भी संक्रमित है जिनका इंदौर और अहमदाबाद में इलाज जारी है। एक 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत हो चुकी है और एक की रिपोर्ट आना बाकी है।
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जानलेवा दुर्लभ बीमारी गुइलेन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के दो नए मरीज मिले हैं। एक मरीज कृषि उपज मंडी से कुछ ही दूर स्थित भूनियाखेड़ी गांव का है जबकि एक किटियानी क्षेत्र का रहने वाला है। इनका भोपाल, इंदौर में इलाज जारी है। विभाग ने इन दोनों मरीजों के दस्तावेज भोपाल व इंदौर से मंगवाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से इन दोनों क्षेत्रों में विशेष सर्वे शुरू करवा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी एक लाख लोगों में एक या दो व्यक्तियों को होती है। टीम ने बीमारी के कारण सहित अन्य विषयों पर जांच शुरू की है।

WHO टिम के सदस्यों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की दी हिदायत

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