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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Narmadapuram News: 13-Year-Old Fights Off Leopard Satyam Grabs Wild Animal by Neck to Save His Life

बहादुर निकला सत्यम: 13 साल के बच्चे ने तेंदुए से भिड़कर बचाई अपनी जान, गर्दन दबोची और धकेलता रहा पीछे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम Published by: नर्मदापुरम ब्यूरो Updated Sun, 10 May 2026 05:00 PM IST
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सार

पिपरिया के कुर्सी खापा गांव में 13 वर्षीय सत्यम ठाकुर पर तेंदुए ने हमला कर दिया। सत्यम ने साहस दिखाते हुए तेंदुए की गर्दन पकड़ ली और शोर मचाया। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ भाग गया। घायल सत्यम का अस्पताल में इलाज हुआ और उसकी हालत अब स्थिर बताई गई है।

Narmadapuram News: 13-Year-Old Fights Off Leopard Satyam Grabs Wild Animal by Neck to Save His Life
तेंदुए से भिड़ गया 13 साल का सत्यम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नर्मदापुरम जिले के पिपरिया क्षेत्र से दिल दहला देने वाली लेकिन उतनी ही प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां 13 वर्षीय बच्चे ने तेंदुए जैसे खूंखार जंगली जानवर का सामना कर न सिर्फ अपनी जान बचाई बल्कि पूरे गांव को भी बड़ी अनहोनी से बचा लिया। मामला पिपरिया फॉरेस्ट बीट के अंतर्गत आने वाले कुर्सी खापा गांव का है, जहां शनिवार शाम खेतों के पास बच्चों की सामान्य खेलकूद की आवाजें अचानक चीख-पुकार में बदल गईं। बताया जा रहा है कि 13 साल का सत्यम ठाकुर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।

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इस खौफनाक मंजर के बीच सत्यम ने ऐसा साहस दिखाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। तेंदुए के पंजों से खुद को बचाने के लिए बच्चे ने बिना घबराए उसकी गर्दन पकड़ ली और पूरी ताकत से उसे पीछे धकेल दिया। कुछ सेकंड तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। इस दौरान तेंदुए के नाखून सत्यम के पेट और पैरों में गहरे लग गए, जिससे वह घायल हो गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी और लगातार शोर मचाता रहा। बच्चे की चीख सुनकर आसपास मौजूद परिजन और ग्रामीण डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचते ही शोर और भीड़ बढ़ी, जिससे तेंदुआ घबरा गया और जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में तेंदुए की हलचल देखी जा रही थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह रिहायशी इलाके तक पहुंचकर बच्चों पर हमला कर देगा।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल सत्यम ठाकुर को तत्काल पिपरिया अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और बताया कि उसकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। फिलहाल वन विभाग ने इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है और गश्त बढ़ा दी गई है। इस पूरी घटना ने जहां एक तरफ ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं दूसरी ओर 13 साल के सत्यम की बहादुरी ने सभी को गर्व से भर दिया है। गांव के लोग उसे “नन्हा शेरदिल” कहकर बुला रहे हैं और उसकी हिम्मत की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है। 

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