{"_id":"69e362329c74b9e1830a962f","slug":"damodar-yadavs-statement-at-a-political-rally-in-seoni-malwa-sparked-controversy-narmadapuram-news-c-1-1-noi1512-4181353-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Narmadapuram News: राजनीतिक सभा में विवादित बयान से बढ़ा तनाव, परशुराम पर टिप्पणी से फैला आक्रोश, FIR की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Narmadapuram News: राजनीतिक सभा में विवादित बयान से बढ़ा तनाव, परशुराम पर टिप्पणी से फैला आक्रोश, FIR की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: नर्मदापुरम ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 07:18 PM IST
विज्ञापन
सार
सिवनी मालवा में आयोजित एक राजनीतिक सभा में दिए गए बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। नेता के टिप्पणी के बाद सामाजिक संगठनों में आक्रोश बढ़ गया है और एफआईआर की मांग के साथ मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
दामोदर यादव के विवादित बयान पर गर्माया माहौल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
जिले के सिवनी मालवा में आयोजित एक राजनीतिक सभा में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के तीखे और विवादित बयान सुर्खियों में आ गए। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की यात्रा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य यूं तो सामाजिक संवाद था लेकिन मंच से दिए गए बयानों ने माहौल गरमा दिया।
सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि वे केवल बाबा साहब को जानते हैं लेकिन परशुराम के बारे में न तो उन्होंने पढ़ा और न ही उन्हें जानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने काल्पनिक चीजों में विश्वास न करने की बात भी कही। परशुराम जयंती से ठीक पहले यह बयान सामने आने के कारण विप्र और राजपूत समाज में खासी नाराजगी है।
ये भी पढ़ें: MP News: बंगाल की प्रगति के लिए BJP जरूरी, कोलकाता में सीएम यादव बोले-जंगलराज से मुक्ति चाहती है जनता
विवाद को और हवा तब मिली जब यादव ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें पर्चियां निकालकर लोगों को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा का विरोध करते हुए कहा कि भारत का संविधान देश को पंथ निरपेक्ष घोषित करता है और यही व्यवस्था आगे भी बनी रहनी चाहिए।
इन बयानों के बाद सिवनी मालवा में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सर्व ब्राह्मण समाज, करणी सेना सहित कई संगठनों ने विरोध दर्ज कराते हुए दामोदर यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा रही है और सार्वजनिक माफी की मांग तेज हो गई है।
हालांकि कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नजरिए से भी देख रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, भले ही वह विचार विवादित क्यों न हों। फिलहाल सिवनी मालवा में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Trending Videos
सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि वे केवल बाबा साहब को जानते हैं लेकिन परशुराम के बारे में न तो उन्होंने पढ़ा और न ही उन्हें जानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने काल्पनिक चीजों में विश्वास न करने की बात भी कही। परशुराम जयंती से ठीक पहले यह बयान सामने आने के कारण विप्र और राजपूत समाज में खासी नाराजगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: MP News: बंगाल की प्रगति के लिए BJP जरूरी, कोलकाता में सीएम यादव बोले-जंगलराज से मुक्ति चाहती है जनता
विवाद को और हवा तब मिली जब यादव ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें पर्चियां निकालकर लोगों को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा का विरोध करते हुए कहा कि भारत का संविधान देश को पंथ निरपेक्ष घोषित करता है और यही व्यवस्था आगे भी बनी रहनी चाहिए।
इन बयानों के बाद सिवनी मालवा में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सर्व ब्राह्मण समाज, करणी सेना सहित कई संगठनों ने विरोध दर्ज कराते हुए दामोदर यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा रही है और सार्वजनिक माफी की मांग तेज हो गई है।
हालांकि कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नजरिए से भी देख रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, भले ही वह विचार विवादित क्यों न हों। फिलहाल सिवनी मालवा में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

कमेंट
कमेंट X