राजस्थान: गहलोत सरकार को बाल आयोग ने लिखी चिट्ठी, विवाह पंजीकरण विधेयक पर जताई चिंता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 20 Sep 2021 06:33 PM IST

सार

आयोग ने लिखा है कि आयोग इस बात से आशंकित है कि विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 का अधिनियमन राज्य में नाबालिगों के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शिक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : ani
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राजस्थान सरकार को चिट्ठी लिखी है। यह चिट्ठी हाल ही में विधानसभा में पास विवाह के अनिवार्य पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 से जुड़ी है। विधेयक में कहा गया है कि बाल विवाह की जानकारी उनके माता-पिता को शादी के 30 दिनों के भीतर देनी होगी। इस पर आयोग ने लिखा है कि आयोग इस बात से आशंकित है कि विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 का अधिनियमन राज्य में नाबालिगों के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शिक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
विज्ञापन



आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00