ट्रैक्टर रैली: कपड़ा फैक्ट्री को लेकर किसानों का प्रदर्शन, हाईवे जाम से यातायात रहा ठप; ये हैं पांच बड़ी मांग
नीमच के मोरवन बांध के पास प्रस्तावित कपड़ा फैक्ट्री को लेकर सोमवार को किसानों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। हजारों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर हाईवे जाम किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मोरवन बांध के पास प्रस्तावित कपड़ा फैक्ट्री को लेकर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। फैक्ट्री स्थापना के विरोध में हजारों किसान ट्रैक्टर रैली के साथ कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े। इस दौरान जावद में पुलिस से झड़प हुई और महू-नीमच हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम रहा। इससे जयपुर, महू, रतलाम और मंदसौर की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए।
पुलिस प्रशासन हरकत में आया और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए एसपी अंकित जायसवाल के निर्देशन में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। भोलियावास रोड पर किसानों के ट्रैक्टर रोककर आगे बढ़ने से रोका गया। यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में नीमच कलेक्टर कार्यालय पर ट्रैक्टरों के माध्यम से हुआ सबसे बड़ा विरोध माना जा रहा है।
मोरवन बांध के पास लग रही है 350 करोड़ की टेक्सटाइल फैक्ट्री
नीमच जिले के मोरवन बांध के पास सुविधि रेयॉन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 350 करोड़ रुपए की लागत से कपड़ा फैक्ट्री लगाई जा रही है। बीते एक महीने से आसपास के करीब 50 गांवों के किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद बांध का पानी प्रदूषित होगा और इससे फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
सुबह से जुटने लगे किसान, जावद में पुलिस से झड़प
सोमवार सुबह नौ बजे से ही विभिन्न गांवों के किसान ट्रैक्टरों के साथ रैली के लिए जुटने लगे। करीब 10:30 बजे जब रैली जावद पहुंची तो पुलिस ने ट्रैक्टरों को रोक दिया। इस दौरान मामूली झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टरों को नीमच की ओर जाने दिया।
करीब 11 बजे रैली जब भड़भड़िया फंटा पहुंची, तो किसानों ने महू-नीमच हाईवे पर वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और जाम खुलवाया। लगभग एक घंटे तक हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
कलेक्टर कार्यालय पर कड़ी सुरक्षा
किसानों के नीमच पहुंचने से पहले ही भोलियावास रोड पर ट्रैक्टरों को रोक दिया गया। कलेक्टर कार्यालय के चारों ओर बेरिकेड्स लगाकर नाकेबंदी कर दी गई और परिसर को पुलिस छावनी में तब्दिल कर दिया गया। बाद में किसानों ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ज्ञापन सौंपा और फैक्ट्री निर्माण रोकने की मांग की। कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
किसानों की प्रमुख मांगें
- मोरवन बांध के पास कपड़ा फैक्ट्री के निर्माण को तत्काल रोका जाए।
- परियोजना से पेयजल और सिंचाई जल स्रोतों को होने वाले नुकसान की जांच की जाए।
- फैक्ट्री स्थल के आसपास स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय हैं, इसलिए पर्यावरणीय प्रभाव का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
- किसानों का आरोप है कि भूमि का आवंटन बिना जनसुनवाई और निरीक्षण के किया गया।
- जिस भूमि पर फैक्ट्री का निर्माण हो रहा है, वह पहले खेती, पशु चराई और खेल मैदान के रूप में उपयोग में थी।
प्रशासन सतर्क
सुबह आंदोलन की जानकारी मिलते ही पूरे जिले में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। मोरवन से नीमच तक सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक पूरा प्रशासन स्थिति पर नजर रखे रहा।

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