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Neemuch News: सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री की नीलामी पर लगी रोक, 17 करोड़ 55 लाख रुपए जमा करने के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: नीमच ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 09:56 PM IST
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सार
नीमच की बंद सीसीआई फैक्ट्री की स्क्रैप नीलामी पर जावद तहसील न्यायालय ने रोक लगा दी और 17.55 करोड़ रुपये मजदूरों को भुगतान करने का आदेश दिया। 90 श्रमिकों का 18 करोड़ वेतन बकाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से मजदूरों में हर्ष और प्रबंधन पर दबाव बढ़ा।
सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री
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विस्तार
सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की बंद पड़ी फैक्ट्री के स्क्रैप की नीलामी प्रक्रिया पर शुक्रवार को जावद तहसील न्यायालय ने रोक लगा दी। जावद एसडीएम सुश्री संघवी और तहसीलदार सुश्री मयूरी जोक ने यह कार्यवाही करते हुए सीसीआई प्रबंधन को 17.55 करोड़ रुपये श्रम न्यायालय में जमा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद नीलामी पर रोक
19 फरवरी 2025 को जावद एसडीएम और आठ अन्य अधिकारियों की टीम ने सीसीआई फैक्ट्री का निरीक्षण किया था। नवंबर 2023 से फैक्ट्री के लोडर श्रमिकों के बकाया वेतन का मामला तहसील न्यायालय में लंबित था। पहले, 1999 में श्रमिकों ने श्रम न्यायालय मंदसौर में वेतन भुगतान के लिए याचिका दायर की थी, जहां उनके पक्ष में निर्णय हुआ। लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने औद्योगिक न्यायालय इंदौर और हाईकोर्ट इंदौर में अपील की, जो खारिज हो गई। इसके बाद श्रम न्यायालय ने जिला कलेक्टर नीमच को मजदूरों का बकाया वेतन दिलाने के आदेश दिए।
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90 श्रमिकों का वेतन बकाया
फैक्ट्री पर 90 लोडर श्रमिकों का करीब 18 करोड़ रुपये वेतन बकाया है। श्रम न्यायालय के आदेश के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों को भुगतान नहीं किया और स्क्रैप नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसकी जानकारी तहसीलदार न्यायालय को नहीं दी गई थी।
प्रबंधन ने नीलामी छिपाने की कोशिश की
फैक्ट्री प्रबंधन ने यह नीलामी स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित नहीं की, न ही फैक्ट्री परिसर में इसकी सूचना दी, जिससे यह अवैध प्रक्रिया मानी गई। इसके अलावा, केंद्रीय औद्योगिक न्यायालय जबलपुर और उच्च न्यायालय दिल्ली में भी फैक्ट्री क्लोजर का मामला लंबित है, लेकिन प्रबंधन ने वहां भी नीलामी की कोई जानकारी नहीं दी।
ये भी पढ़ें- लक्ष्य शर्मा रोल बॉल वर्ल्ड कप कैंप के लिए संभावित में चयनित, केन्या में आयोजित होगी प्रतियोगिता
मजदूरों की ऐतिहासिक जीत
शुक्रवार को जावद तहसील न्यायालय और जिला कलेक्टर ने मजदूरों के हक में फैसला सुनाया, नीलामी पर रोक लगाई और फैक्ट्री प्रबंधन को पहले मजदूरों का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया। मजदूर संगठन सीटू के शैलेंद्र सिंह, किशोर देवरिया, सुनील शर्मा, शोभाराम धाकड़ और निर्भय राम चौहान ने इस निर्णय को मजदूरों की ऐतिहासिक जीत बताया और प्रशासन की सराहना की। इस फैसले से सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री के मजदूरों में हर्ष का माहौल है।
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निरीक्षण के बाद नीलामी पर रोक
19 फरवरी 2025 को जावद एसडीएम और आठ अन्य अधिकारियों की टीम ने सीसीआई फैक्ट्री का निरीक्षण किया था। नवंबर 2023 से फैक्ट्री के लोडर श्रमिकों के बकाया वेतन का मामला तहसील न्यायालय में लंबित था। पहले, 1999 में श्रमिकों ने श्रम न्यायालय मंदसौर में वेतन भुगतान के लिए याचिका दायर की थी, जहां उनके पक्ष में निर्णय हुआ। लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने औद्योगिक न्यायालय इंदौर और हाईकोर्ट इंदौर में अपील की, जो खारिज हो गई। इसके बाद श्रम न्यायालय ने जिला कलेक्टर नीमच को मजदूरों का बकाया वेतन दिलाने के आदेश दिए।
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90 श्रमिकों का वेतन बकाया
फैक्ट्री पर 90 लोडर श्रमिकों का करीब 18 करोड़ रुपये वेतन बकाया है। श्रम न्यायालय के आदेश के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों को भुगतान नहीं किया और स्क्रैप नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसकी जानकारी तहसीलदार न्यायालय को नहीं दी गई थी।
प्रबंधन ने नीलामी छिपाने की कोशिश की
फैक्ट्री प्रबंधन ने यह नीलामी स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित नहीं की, न ही फैक्ट्री परिसर में इसकी सूचना दी, जिससे यह अवैध प्रक्रिया मानी गई। इसके अलावा, केंद्रीय औद्योगिक न्यायालय जबलपुर और उच्च न्यायालय दिल्ली में भी फैक्ट्री क्लोजर का मामला लंबित है, लेकिन प्रबंधन ने वहां भी नीलामी की कोई जानकारी नहीं दी।
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मजदूरों की ऐतिहासिक जीत
शुक्रवार को जावद तहसील न्यायालय और जिला कलेक्टर ने मजदूरों के हक में फैसला सुनाया, नीलामी पर रोक लगाई और फैक्ट्री प्रबंधन को पहले मजदूरों का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया। मजदूर संगठन सीटू के शैलेंद्र सिंह, किशोर देवरिया, सुनील शर्मा, शोभाराम धाकड़ और निर्भय राम चौहान ने इस निर्णय को मजदूरों की ऐतिहासिक जीत बताया और प्रशासन की सराहना की। इस फैसले से सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री के मजदूरों में हर्ष का माहौल है।
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