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Omkareshwar News: श्रावण में बदली दर्शन व्यवस्था, वन-वे सिस्टम लागू; श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए रूट तय
Thu, 30 Jul 2026 10:33 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:33 PM IST
सार
श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने वन-वे दर्शन व्यवस्था लागू की है। सामान्य और प्रोटोकॉल/शीघ्र दर्शन टिकटधारियों के लिए अलग-अलग प्रवेश-निकास मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि दर्शन सुगम और सुरक्षित रहें।
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
- फोटो : instagram
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विस्तार
श्रावण मास में भगवान श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने मंदिर की दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। श्रद्धालुओं के सुरक्षित, सुगम और शीघ्र दर्शन सुनिश्चित करने के लिए एकांगी (वन-वे) मार्ग व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से भीड़ का दबाव कम होगा, आवागमन सुचारु रहेगा तथा दर्शन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी।
एसडीएम पुनासा पंकज वर्मा ने बताया कि श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए सामान्य श्रद्धालुओं तथा प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पुराने बस स्टैंड की ओर से आने वाले सामान्य श्रद्धालु निर्वाणी अखाड़ा स्थित जूता-चप्पल स्टैंड से प्रवेश कर जेपी चौक, पुराने पुल, रैम्प के माध्यम से गर्भगृह तक पहुंचेंगे। दर्शन के बाद वे झूला पुल, स्काईब्रिज होते हुए पुनः निर्वाणी अखाड़ा पहुंचेंगे। वहीं न्यू बस स्टैंड (दांडी तिराहा) की ओर से आने वाले श्रद्धालु गजानन आश्रम, ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड, स्काईब्रिज, जेपी चौक, पुराने पुल और रैम्प के रास्ते मंदिर में प्रवेश करेंगे। दर्शन के उपरांत उनका निकास झूला पुल, ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड, गजानन आश्रम होते हुए प्रसादालय पार्किंग तक रहेगा।
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ये भी पढ़ें- श्रावण में महाकाल के दर्शन करने जा रहे हैं तो इसे पढ़ लें, पट खुलने से आरती तक का समय बदला
प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। उनकी सुविधा के लिए निर्वाणी अखाड़ा एवं ब्रह्मपुरी पार्किंग में रिस्टबैंड काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। पुराने बस स्टैंड की ओर से आने वाले ऐसे श्रद्धालु निर्वाणी अखाड़ा सेंटर से स्काईब्रिज एवं झूला पुल के माध्यम से सीधे गर्भगृह तक पहुंचेंगे और दर्शन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटेंगे। न्यू बस स्टैंड की ओर से आने वाले श्रद्धालु प्रसादालय पार्किंग, गजानन आश्रम और ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर से झूला पुल होते हुए मंदिर पहुंचेंगे तथा दर्शन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटेंगे।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का पालन करें, प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का सहयोगपूर्वक अनुपालन करें तथा भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को सफल बनाने में सहभागिता निभाएं। प्रशासन का विश्वास है कि नई व्यवस्था से श्रावण मास के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिलेगा।
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एसडीएम पुनासा पंकज वर्मा ने बताया कि श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए सामान्य श्रद्धालुओं तथा प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पुराने बस स्टैंड की ओर से आने वाले सामान्य श्रद्धालु निर्वाणी अखाड़ा स्थित जूता-चप्पल स्टैंड से प्रवेश कर जेपी चौक, पुराने पुल, रैम्प के माध्यम से गर्भगृह तक पहुंचेंगे। दर्शन के बाद वे झूला पुल, स्काईब्रिज होते हुए पुनः निर्वाणी अखाड़ा पहुंचेंगे। वहीं न्यू बस स्टैंड (दांडी तिराहा) की ओर से आने वाले श्रद्धालु गजानन आश्रम, ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड, स्काईब्रिज, जेपी चौक, पुराने पुल और रैम्प के रास्ते मंदिर में प्रवेश करेंगे। दर्शन के उपरांत उनका निकास झूला पुल, ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड, गजानन आश्रम होते हुए प्रसादालय पार्किंग तक रहेगा।
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प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। उनकी सुविधा के लिए निर्वाणी अखाड़ा एवं ब्रह्मपुरी पार्किंग में रिस्टबैंड काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। पुराने बस स्टैंड की ओर से आने वाले ऐसे श्रद्धालु निर्वाणी अखाड़ा सेंटर से स्काईब्रिज एवं झूला पुल के माध्यम से सीधे गर्भगृह तक पहुंचेंगे और दर्शन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटेंगे। न्यू बस स्टैंड की ओर से आने वाले श्रद्धालु प्रसादालय पार्किंग, गजानन आश्रम और ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर से झूला पुल होते हुए मंदिर पहुंचेंगे तथा दर्शन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटेंगे।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का पालन करें, प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का सहयोगपूर्वक अनुपालन करें तथा भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को सफल बनाने में सहभागिता निभाएं। प्रशासन का विश्वास है कि नई व्यवस्था से श्रावण मास के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिलेगा।
