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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Omkareshwar News: Boat operation prohibited in the area of the floating solar plant.

Omkareshwar : फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्षेत्र नो-मैन्स लैंड घोषित, नाव संचालन पर प्रतिबंध; अब गुस्से में ये सब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 10 Jan 2026 09:21 AM IST
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सार

ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने आसपास के जल क्षेत्र को नो-मैन्स लैंड घोषित किया है। 5 मार्च 2026 तक लागू प्रतिबंध से नौकायन और मत्स्याखेट पर रोक लगी है। इससे प्रभावित मछुआरों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।

Omkareshwar News: Boat operation prohibited in the area of the floating solar plant.
ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्षेत्र। - फोटो : अमर उजाला
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ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस सोलर प्लांट की बिजली के संचरण के लिए संयंत्र के जल क्षेत्र में फ्लोटिंग विद्युत केबल बिछाई गई हैं। प्रायः यह देखा गया है कि कुछ स्थानीय मछुआरे बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन तैरते हुए बिजली के तार के ऊपर से अपनी नावें चला रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सोलर पावर प्लांट के आसपास के क्षेत्र को "नो मैंस लैंड" घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 5 मार्च 2026 तक लागू रहेगा।
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जारी आदेश अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम एखंड, बिलाया, केलवा बुजुर्ग, कामनखेड़ा और इंधवाडी ग्रामों का क्षेत्र शामिल है। प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति को ही आने-जाने के लिए छूट रहेगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति या स्थानीय मछुआरे द्वारा किसी भी प्रकार का नौका विहार और मत्स्याखेट या मछली पालन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। यह आदेश विशिष्ट रूप से पृथक से अधिकृत किए गए शासकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा।
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ओंकारेश्वर मछुआरा संघ के कड़वा वर्मा दीपक वर्मा शेर वर्मा दिलीप वर्मा एवं मछुआरा समिति के अनेक लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवॉटर में सैकड़ों मछुआरे मछली पालन करके अपने परिवारों का पालन पोषण करते थे। सबके सामने भयानक आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा, जब यह पूरी योजना शुरू हुई थी तब तत्कालीन शौर्य ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग स्वर्गीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मछुआरों को आश्वासन दिया था कि किसी का भी प्रभावित नहीं होगा।

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