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Rajgarh News: बिना प्रसव के सैकड़ों जन्म प्रमाण पत्र जारी, स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा फर्जीवाड़ा, 6 गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: राजगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 11:40 PM IST
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सार

राजगढ़ के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बिना डिलीवरी के सैकड़ों जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों की गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
 

Rajgarh: Hundreds of birth certificates issued without deliveries, major fraud at health centre, six arrested
सैकड़ों फजी जन्म प्रमाण पत्र जारी, छह गिरफ्तार
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विस्तार

जिले के रामगढ़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक भी वास्तविक डिलीवरी के बिना सैकड़ों जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है।

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मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्वास्थ्य विभाग को फरवरी माह के रिकॉर्ड में असामान्य गतिविधि नजर आई। छोटे से स्वास्थ्य केंद्र में एक ही महीने में 137 बच्चों का जन्म पंजीकरण दर्ज मिला, जबकि उस अवधि में एक भी प्रसव नहीं हुआ था। इस अंतर ने अधिकारियों को जांच के लिए मजबूर किया।
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जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कंप्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्जुन बैरागी की अहम भूमिका थी। उसने मिलीभगत कर सीआरएस पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज अपलोड कर जन्म प्रमाण पत्र जारी किए। यह गड़बड़ी केवल एक महीने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्ष 1950 से 1980 तक के भी कई फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए, जबकि उस समय वहां स्वास्थ्य केंद्र ही मौजूद नहीं था।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि इस फर्जी नेटवर्क का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ था। राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम पर भी यहां से जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 250 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने की पुष्टि हुई है।

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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इन फर्जी प्रमाण पत्रों का उपयोग आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलवाने के लिए करते थे। इसके लिए लोकसेवा केंद्र, आधार सेवा केंद्र और एमपी ऑनलाइन संचालकों के जरिए लोगों को जोड़ा जाता था और प्रति प्रमाण पत्र 500 से 1000 रुपये तक वसूले जाते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने करीब 250 फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर लगभग 35 हजार रुपये की अवैध कमाई करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

एडिशनल एसपी केएल बंजारे ने बताया कि 6 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरापुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील चौरसिया की शिकायत पर माचलपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और स्वास्थ्य केंद्र का कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया है, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार और भी लोगों से जुड़े हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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