Ratlam News: दुष्कर्मी को कोर्ट ने सुनाई दस वर्ष की सजा, मुंह खोलने पर जान से मारने की दी थी धमकी
रतलाम न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी को सश्रम कारवास कारवास की सजा सुनाई है। आरोपी ने पीड़िता युवती के घर में घुसकर डरा-धमकाकर वारदात को अंजाम दिया था। साथ ही मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
विस्तार
रतलाम न्यायालय ने घर में घुसकर डर-धमकाकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त 25 वर्षीय दुल्ला पिता प्रभु देवदा को भादंवि की धारा 376 (2) (एफ) एवं धारा 376 (2) (एन) में 10-10 वर्ष और धारा 456 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर तीनों धाराओं में एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। फैसला विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) राकेश कुमार शर्मा ने सुनाया।
'अंदर से बंद कर डरा-धमकाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया था'
अभियोजन विभाग की जिला प्रभारी उपनिदेशक व सहायक निदेशक आशा शाक्यवार एवं लोक अभियोजक गौतम परमार ने बताया कि एक गांव की युवती ने 13 अप्रैल 2020 को औद्योगिक क्षेत्र थाना पर रिपोर्ट की थी कि वह छह माह पहले घर पर अकेली थी, तभी सुबह 11 से 12 बजे के बीच अभियुक्त दुल्ला मेरे घर में घुस गया था और घर का दरवाजा अंदर से बंद कर डरा-धमकाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया था।
चिल्लाने की कोशिश पर जान से मारने की दी थी धमकी
चिल्लाने की कोशिश करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी थी। इस कारण वह चुप हो गई थी। इस घटना के आठ दिन बाद दुल्ला ने फिर से मुझे डर-धमकाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया था तथा धमकी दी थी कि यह बात किसी को बताई तो वह मुझे जान से खत्म कर देगा। डर के कारण यह बात मैंने किसी को नहीं बताई थी। आज मेरी मां ने नहाते वक्त मेरा पेट बड़ा देखकर मुझसे पूछा तो मैंने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी।
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युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने दुल्ला के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद दुल्ला के खिलाफ न्यायालय में अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त दुल्ला को दोषी पाकर दंडित किया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त से प्राप्त जुर्माना राशि 3 हजार रुपए के अतिरिक्त 3 लाख रुपए प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिलवाए गए। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने की।
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