Ratlam: राजधानी एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच तेज, छह सदस्यीय हाईलेवल कमेटी गठित; 20 मई तक आएगी जांच रिपोर्ट
रतलाम जिले में राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच बी-1 में लगी आग की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। तकनीकी जांच शुरू हो चुकी है और समिति 20 मई तक हादसे के कारणों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच बी-1 में लगी आग की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने छह सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति ने सोमवार को घटनास्थल पहुंचकर जले हुए कोच और रियर एसएलआर (गार्ड कोच) का निरीक्षण किया। तकनीकी विशेषज्ञों ने कोच की स्थिति और अग्निकांड से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की। समिति 20 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उल्लेखनीय है कि 17 मई 2026 की सुबह राजधानी एक्सप्रेस रतलाम होकर दिल्ली की ओर जा रही थी। सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन कोटा रेल मंडल के अंतर्गत रतलाम जिले में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच पहुंची, तभी एसी कोच बी-1 में अचानक आग लग गई। आग ने पास के रियर एसएलआर कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। एक यात्री ने कोच से धुआं और आग निकलते देख शोर मचाकर यात्रियों को जगाया। इसके बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए यात्री कोच से बाहर निकले, जबकि कुछ यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें भी आईं।
यात्रियों के बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के ग्रामीणों और मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कोच, गार्ड डिब्बा और यात्रियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य सामान जल चुके थे।
घटना की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति ने 18 मई को घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
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समिति में प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम. विजय कुमार, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एन.एस. प्रसाद (आईसीएफ), कार्यकारी निदेशक महेंद्र सिंह (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ) तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार शामिल हैं। कोटा मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा और अपर मंडल रेल प्रबंधक ललित धुरंधर ने भी जांच टीम को सहयोग किया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार समिति घटना के मूल कारण, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों की गहन जांच कर 20 मई तक रिपोर्ट सौंपेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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