Ujjain: ‘कबाड़ से जुगाड़’ का नया मॉडल, शहर में शुरू होंगे तीन कचरा कैफे; कॉफी के साथ भरपेट भोजन भी मिलेगा
उज्जैन नगर निगम शहर में स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए तीन कचरा कैफे शुरू करने जा रहा है। यहां लोग प्लास्टिक, ई-वेस्ट और अन्य कबाड़ जमा कर बदले में डिजिटल कूपन, भोजन और उपयोगी सामान प्राप्त कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उज्जैन शहर में स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम लगातार नए प्रयोग कर रहा है। “कबाड़ से जुगाड़” अभियान के तहत अब शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर कचरा कैफे शुरू किए जाएंगे। इन कैफे में लोग प्लास्टिक, कागज, ई-वेस्ट और अन्य उपयोगी कचरा जमा कर न केवल पैसे कमा सकेंगे, बल्कि बदले में कूपन भी प्राप्त करेंगे, जिनका उपयोग भोजन, खानपान और दैनिक उपयोग की वस्तुएं लेने में किया जा सकेगा।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि कचरा कैफे के संचालन में महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि कैफे संचालकों को निगम की ओर से किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। नगर निगम केवल बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जिसका खर्च चयनित एजेंसी को वहन करना होगा।
उन्होंने बताया कि कचरा कैफे संचालन की अवधि पांच वर्ष की होगी। यदि चयनित एजेंसी का कार्य संतोषजनक पाया गया तो अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। जो एजेंसी नगर निगम को सबसे अधिक रॉयल्टी देने का प्रस्ताव देगी, उसे संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए 50 हजार रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी जमा करनी होगी तथा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच रॉयल्टी जमा करना अनिवार्य रहेगा।
कचरा कैफे शुरू करने का उद्देश्य
नगर निगम का उद्देश्य कचरे की आर्थिक उपयोगिता बढ़ाना और वेस्ट मैनेजमेंट को व्यवहारिक रूप देना है। यह पहल स्व-सहायता समूहों के लिए भी रोजगार का बेहतर अवसर साबित होगी।
इसके लिए नगर निगम ने तीन स्थानों का चयन किया है। पहला केंद्र फ्रीगंज में सेठी बिल्डिंग के सामने 2500 वर्गफुट क्षेत्र में बनाया जाएगा। दूसरा नानाखेड़ा बस स्टैंड के पास 150 वर्गफुट और तीसरा महाकाल मंदिर के पीछे चारधाम पार्किंग क्षेत्र के पास 150 वर्गफुट में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों पर लोग कचरे के बदले खाद्य सामग्री या वेस्ट से बने उपयोगी उत्पाद प्राप्त कर सकेंगे।
ये भी पढ़ें- मैहर में बड़ा सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने तीन बार मारी टक्कर, तीन की मौत; थाना प्रभारी समेत 25 घायल
यह होगा मॉडल
कचरा कैफे में लोग पुराने अखबार, किताबें, कार्टन, ई-वेस्ट, कपड़े और अन्य कबाड़ सामग्री जमा कर सकेंगे। इसके बदले उन्हें डिजिटल कॉइन या ऑनलाइन कूपन दिए जाएंगे, जिनका उपयोग कैफे में उपलब्ध सामान खरीदने में किया जा सकेगा।
कैफे में चार अलग-अलग बॉक्स रखे जाएंगे, जिनमें सूखा कचरा, ई-वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट और घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। कचरे को वजन के अनुसार अलग-अलग दरों पर खरीदा जाएगा और बदले में लोगों को ऑनलाइन कूपन उपलब्ध कराए जाएंगे।

ऐसे रहेंगे कचरा कैफे

कमेंट
कमेंट X