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MP: डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के HOD पर छात्राओं ने लगाया गंभीर आरोप, ABVP के हंगामे के बाद पद से हटाए गए
Sun, 02 Aug 2026 12:35 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:35 PM IST
सार
सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद भारद्वाज पर एक दर्जन से अधिक महिला शोधार्थियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें एचओडी पद से हटा दिया है और शिकायतों की जांच शुरू कर दी है।
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन।
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विस्तार
मध्य प्रदेश के सागर स्थित प्रतिष्ठित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीते दिन महिला शोधार्थियों के उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष (प्रोफेसर विनोद भारद्वाज पर एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से अधिक महिला शोध छात्राओं ने मानसिक व यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की भनक लगते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार हंगामा किया और ज्ञापन सौंपा। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रो. विनोद भारद्वाज को एचओडी के पद से हटा दिया है।
रात में मैसेज, डिनर का दबाव और अश्लील बातें
पीड़ित शोधार्थियों का आरोप है कि प्रोफेसर विनोद भारद्वाज अपने पद का दुरुपयोग कर लंबे समय से उनका उत्पीड़न कर रहे थे। छात्राओं के अनुसार, प्रोफेसर देर रात व्हाट्सएप पर अनुचित मैसेज भेजते थे, उन पर साथ में डिनर पर जाने का दबाव बनाते थे और बातचीत के दौरान अश्लील टिप्पणियां करते थे। इसके अलावा, छात्राओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बात न मानने पर उनके शोध में अड़चनें डाली जाती थीं और आधिकारिक पत्रों व शोध से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें परेशान किया जाता था।
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एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन, FIR और बर्खास्तगी की मांग
मामला उजागर होते ही ABVP कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हो गए और प्रशासनिक भवन का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। छात्र संगठन ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय जैसे पवित्र संस्थान में ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा छात्र नेता गौरव मिश्रा ने कहा किएक साथ दर्जनभर से ज्यादा छात्राओं का सामने आना साबित करता है कि मामला कितना गंभीर है। प्रोफेसर को केवल पद से हटाना काफी नहीं है, उन पर कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें- Shahdol News: सीधी-वनसुकली मार्ग पर तेज रफ्तार बस ने बोलेरो को मारी टक्कर, छह घायल; दो की हालत गंभीर
विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई: पद से हटाए गए प्रोफेसर
हंगामे और ज्ञापन के तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। कुलपति के निर्देश पर प्रो. विनोद भारद्वाज को विभागाध्यक्ष के पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले को विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति को भेज दिया गया है। समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी प्रोफेसर पर नियमानुसार आगे की सख्त वैधानिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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मामले की भनक लगते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार हंगामा किया और ज्ञापन सौंपा। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रो. विनोद भारद्वाज को एचओडी के पद से हटा दिया है।
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रात में मैसेज, डिनर का दबाव और अश्लील बातें
पीड़ित शोधार्थियों का आरोप है कि प्रोफेसर विनोद भारद्वाज अपने पद का दुरुपयोग कर लंबे समय से उनका उत्पीड़न कर रहे थे। छात्राओं के अनुसार, प्रोफेसर देर रात व्हाट्सएप पर अनुचित मैसेज भेजते थे, उन पर साथ में डिनर पर जाने का दबाव बनाते थे और बातचीत के दौरान अश्लील टिप्पणियां करते थे। इसके अलावा, छात्राओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बात न मानने पर उनके शोध में अड़चनें डाली जाती थीं और आधिकारिक पत्रों व शोध से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें परेशान किया जाता था।
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एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन, FIR और बर्खास्तगी की मांग
मामला उजागर होते ही ABVP कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हो गए और प्रशासनिक भवन का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। छात्र संगठन ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय जैसे पवित्र संस्थान में ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा छात्र नेता गौरव मिश्रा ने कहा किएक साथ दर्जनभर से ज्यादा छात्राओं का सामने आना साबित करता है कि मामला कितना गंभीर है। प्रोफेसर को केवल पद से हटाना काफी नहीं है, उन पर कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज होनी चाहिए।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई: पद से हटाए गए प्रोफेसर
हंगामे और ज्ञापन के तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। कुलपति के निर्देश पर प्रो. विनोद भारद्वाज को विभागाध्यक्ष के पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले को विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति को भेज दिया गया है। समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी प्रोफेसर पर नियमानुसार आगे की सख्त वैधानिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।
